मंडला: मध्य प्रदेश के मंडला जिले में गणेश उत्सव के दौरान एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। हीरापुर गांव में गणेश पंडाल में करंट फैलने से चार लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटना गणेश प्रतिमा के विसर्जन के बाद हुई, जब कुछ लोग पंडाल के मंच पर आराम कर रहे थे।
बताया जा रहा है कि गणेश विसर्जन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पंडाल में मौजूद कुछ लोग वहीं सो गए थे। इसी दौरान किसी कारण से पंडाल के मंच पर करंट फैल गया। करंट की चपेट में आने से वहां सो रहे लोग गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई और बचाव के प्रयास शुरू किए गए।
स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना पुलिस और प्रशासन को दी। इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। हादसे में चार लोगों की जान चली गई, जबकि दो घायलों का इलाज कराया जा रहा है। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है और मृतकों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है।
हादसा गणेश विसर्जन के बाद होने के कारण स्थानीय लोगों के लिए यह घटना और भी सदमे वाली रही। उत्सव समाप्त होने के बाद पंडाल में लोग आराम कर रहे थे, तभी अचानक करंट फैलने से यह हादसा हो गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक बिजली के संपर्क में आने के बाद लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला।
पुलिस ने घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाया जा रहा है कि पंडाल में बिजली का करंट किस वजह से फैला और विद्युत व्यवस्था में किस स्तर पर खामी थी। जांच के बाद हादसे की वास्तविक वजह और जिम्मेदारी से जुड़े तथ्य स्पष्ट हो सकेंगे।
स्थानीय प्रशासन की ओर से भी घटना की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस ने हादसे से जुड़े तथ्यों और मौके की परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है। पंडाल में बिजली कनेक्शन, तारों और अन्य विद्युत उपकरणों की स्थिति की भी जांच की जा सकती है।
गणेश उत्सव के दौरान धार्मिक आयोजनों के लिए बनाए जाने वाले अस्थायी पंडालों में बिजली की व्यवस्था को लेकर विशेष सावधानी की जरूरत होती है। खुले तार, असुरक्षित कनेक्शन या बिजली के उपकरणों में खराबी दुर्घटना का कारण बन सकती है। मंडला की घटना ने एक बार फिर ऐसे आयोजनों में विद्युत सुरक्षा के महत्व को सामने ला दिया है।
घटना की खबर फैलते ही हीरापुर गांव और आसपास के क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग जुट गए। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने हादसे की जांच कर घटना के लिए जिम्मेदार परिस्थितियों का पता लगाने की मांग की है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और घायलों के उपचार पर भी ध्यान दिया जा रहा है। हादसे में चार लोगों की मौत से पूरे गांव में शोक का माहौल है। प्रशासन की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि पंडाल में करंट फैलने की मुख्य वजह क्या थी और विद्युत व्यवस्था में किस प्रकार की लापरवाही हुई।