नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने डिजिटल गवर्नेंस को नई मजबूती देते हुए विदेशी योगदान नियमन और ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) सेवाओं को पूरी तरह आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बुधवार को FCRA 2.0 पोर्टल और e-OCI कार्ड सुविधा का शुभारंभ किया। सरकार का कहना है कि यह पहल प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी, तेज, सुरक्षित और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।
सरकार के अनुसार यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘Minimum Government, Maximum Governance’ के विज़न को आगे बढ़ाती है, जिसमें तकनीक के माध्यम से सेवाओं को सरल और प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया है।
नया FCRA 2.0 पोर्टल विदेशी अंशदान प्राप्त करने वाले संगठनों के लिए आवेदन, नवीनीकरण, रिपोर्टिंग और अनुपालन प्रक्रियाओं को पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराएगा। इससे कागजी कार्यवाही में कमी आएगी, प्रक्रियाएं अधिक पारदर्शी होंगी और आवेदनों के निपटारे में लगने वाला समय भी घटेगा। इसके साथ ही सरकार विदेशी धन के प्रवाह पर बेहतर निगरानी रख सकेगी, जिससे नियामकीय व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े पहलुओं को भी मजबूती मिलेगी।
इसी कार्यक्रम में लॉन्च किया गया e-OCI कार्ड विदेशों में रहने वाले भारतीय मूल के नागरिकों के लिए डिजिटल सेवाओं का नया अध्याय माना जा रहा है। इस सुविधा के माध्यम से अब OCI कार्डधारकों को ऑनलाइन आवेदन, डिजिटल कार्ड जनरेशन, चौबीसों घंटे मोबाइल एक्सेस और कई सेवाएं बिना कार्यालय गए प्राप्त हो सकेंगी। इससे दस्तावेजों के सत्यापन और वीजा संबंधी प्रक्रियाओं में भी तेजी आने की उम्मीद है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार दुनिया भर में 50 लाख से अधिक OCI कार्डधारक इस नई डिजिटल सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सेवाओं की उपलब्धता बढ़ने से नागरिकों का समय और संसाधन दोनों बचेंगे तथा प्रशासनिक प्रक्रियाएं अधिक प्रभावी बनेंगी।
FCRA 2.0 और e-OCI जैसी पहलें केवल तकनीकी बदलाव नहीं हैं, बल्कि सरकारी सेवाओं को डिजिटल, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं। इससे एक ओर नागरिकों और संस्थाओं को सुविधा मिलेगी, वहीं दूसरी ओर निगरानी और नियामकीय व्यवस्था भी पहले की तुलना में अधिक मजबूत होगी।