नयी दिल्ली: केंद्र सरकार ने देश में हो रहे असामान्य जनसंख्या बदलाव और अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर बड़ा कदम उठाया है। अमित शाह ने डेमोग्राफिक चेंज यानी जनसंख्या संरचना में हो रहे बदलावों की समीक्षा और अध्ययन के लिए एक हाईलेवल कमेटी के गठन का ऐलान किया है।
गृह मंत्रालय की ओर से गठित इस समिति की अध्यक्षता रिटायर्ड जस्टिस प्रकाश प्रभाकर करेंगे। वहीं, भारत के जनगणना आयुक्त समिति के सदस्य के रूप में शामिल होंगे। इसके अलावा रिटायर्ड आईएएस अधिकारी दुर्गा शंकर मिश्रा और रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी बालाजी श्रीवास्तव को भी समिति में सदस्य बनाया गया है।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि अवैध घुसपैठ और अन्य कारणों से होने वाला “Unnatural Demographic Change” किसी भी राष्ट्र के वर्तमान और भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। उन्होंने कहा कि इस समस्या के प्रभाव केवल सामाजिक स्तर तक सीमित नहीं रहते, बल्कि इसका असर राष्ट्रीय सुरक्षा, संसाधनों और सामाजिक संतुलन पर भी पड़ सकता है।
अमित शाह के अनुसार, यह हाईलेवल कमेटी पूरे देश में अवैध प्रवास और अन्य असामान्य कारणों से हो रहे जनसंख्या बदलावों का व्यापक अध्ययन करेगी। समिति विभिन्न धार्मिक और सामाजिक समुदायों के स्तर पर हो रहे असामान्य जनसंख्या परिवर्तनों के पैटर्न का विश्लेषण भी करेगी।
सरकार का कहना है कि समिति का उद्देश्य केवल आंकड़ों का अध्ययन करना नहीं, बल्कि समस्या के समाधान के लिए सुनियोजित और समयबद्ध सुझाव देना भी होगा। इसके तहत जनसंख्या परिवर्तन के कारणों, प्रभावों और संभावित समाधान पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर इस फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में यह समिति देश की जनसंख्या नीति, सीमा सुरक्षा और अवैध प्रवास से जुड़े मुद्दों पर अहम सिफारिशें दे सकती है।
केंद्र सरकार का यह कदम ऐसे समय में सामने आया है जब देश के कई हिस्सों में अवैध घुसपैठ और जनसंख्या संतुलन को लेकर लगातार बहस चल रही है। अब सभी की नजरें इस बात पर होंगी कि यह हाईलेवल कमेटी अपनी रिपोर्ट में क्या सुझाव देती है और सरकार उन पर किस तरह आगे बढ़ती है।