नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय के तोशाखाना (Toshakhana) में सुरक्षित रखे गए उन दुर्लभ उपहारों की भव्य ई-नीलामी चल रही है, जो विदेशी गणमान्य व्यक्तियों द्वारा भारत सरकार के अधिकारियों और प्रतिनिधियों को भेंट किए गए थे। इस ऐतिहासिक नीलामी में करीब 300 बहुमूल्य उपहारों को शामिल किया गया है, जिनमें लग्जरी घड़ियां, आलीशान आभूषण, ऐतिहासिक स्मृति चिह्न और दुर्लभ सजावटी वस्तुएं मौजूद हैं।
यह ई-नीलामी 8 जून से शुरू हुई थी और 30 जून तक चलेगी। ‘संशोधित तोशाखाना नियम, 2024’ के तहत पहली बार इन सरकारी उपहारों की सार्वजनिक ई-नीलामी आयोजित की जा रही है, जो पारदर्शिता की दिशा में एक बड़ा कदम है।
इस अनूठी नीलामी के लिए नियम काफी कड़े और स्पष्ट रखे गए हैं:
इसमें केवल भारत के निवासी नागरिक ही पंजीकरण कर बोली (Bid) लगा सकते हैं।
खरीदी गई सभी वस्तुओं की डिलीवरी अनिवार्य रूप से देश के भीतर ही की जाएगी।
नीलामी पोर्टल पर कई ऐसी दुर्लभ और लग्जरी चीजें मौजूद हैं, जिन पर देश भर के संग्रहकर्ताओं (Collectors) की नजरें टिकी हैं:
| मुख्य वस्तु | खासियत / ब्रांड | शुरुआती बोली (Base Price) |
| लग्जरी घड़ी | रोलैक्स (Rolex) यॉट मास्टर-2 | ₹ 16.52 लाख |
| शानदार आभूषण सेट | कुवैत का प्रसिद्ध ‘अल अरबाश’ ब्रांड (नेकलेस, ब्रेसलेट, ईयररिंग्स) | ₹ 9.52 लाख |
| प्रतिष्ठित घड़ी | कार्टियर (Cartier) सैंटोस ड्यूमोंट शृंखला | ₹ 5.02 लाख |
| एंटीक सिगरेट बॉक्स | प्राचीन चांदी का हस्तशिल्प बॉक्स | ₹ 12,030 |
क्या होता है तोशाखाना? > तोशाखाना विदेश मंत्रालय के अधीन वह आधिकारिक भंडार है, जहां भारतीय नेताओं या अधिकारियों को विदेश यात्राओं के दौरान या भारत में विदेशी प्रतिनिधियों से मिलने वाले सभी सरकारी उपहारों को सुरक्षित रखा जाता है।
ई-नीलामी पोर्टल पर प्रत्येक वस्तु के साथ उसका संक्षिप्त विवरण और उसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि भी उपलब्ध कराई गई है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि नीलामी में शामिल अधिकांश वस्तुएं अपनी विरासत, स्मृति, सजावट और संग्रहणीय (Collectible) महत्व के लिए जानी जाती हैं, न कि उनके व्यावसायिक या दैनिक उपयोग के लिए।
मंत्रालय ने सभी इच्छुक बोलीदाताओं से अपील की है कि वे किसी भी वस्तु पर अंतिम बोली लगाने से पहले उसकी स्थिति, प्रामाणिकता और उपयोगिता का स्वयं पूरी तरह मूल्यांकन कर लें। इस पूरी पहल का मुख्य उद्देश्य तोशाखाना के प्रबंधन में पारदर्शिता को बढ़ावा देना और सरकारी नियमों के तहत उनका सुव्यवस्थित निपटारा सुनिश्चित करना है।