भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। दोनों देशों ने स्ट्रैटेजिक डिफेंस पार्टनरशिप के नए फ्रेमवर्क पर अहम समझौता किया है, जिससे आपसी सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
इस समझौते के तहत स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व को लेकर भी एक MoU पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके साथ ही एलपीजी की आपूर्ति को लेकर भी दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण सहमति बनी है, जिससे ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग और मजबूत होगा।
इसी क्रम में गुजरात के वाडिनार में एक शिप रिपेयर क्लस्टर स्थापित करने के लिए भी समझौता किया गया है, जो भारत के समुद्री ढांचे और जहाज मरम्मत क्षमताओं को नई गति देगा।
इस साझेदारी का एक और बड़ा पहलू आर्थिक निवेश से जुड़ा है। UAE की ओर से भारत में 5 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की घोषणा की गई है। यह निवेश खासतौर पर इंफ्रास्ट्रक्चर, RBL Bank और Samman Capital जैसे वित्तीय क्षेत्रों में किया जाएगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह समझौता भारत और UAE के बीच रणनीतिक, ऊर्जा और आर्थिक संबंधों को और गहरा करेगा तथा दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक सहयोग को मजबूत आधार प्रदान करेगा।