भारतीय नौसेना का नौकायन प्रशिक्षण पोत INS सुदर्शनी अमेरिका के बोस्टन में आयोजित प्रतिष्ठित ग्रैंड परेड ऑफ सेल्स में शामिल होकर एक बार फिर वैश्विक मंच पर भारत की समुद्री क्षमता और सांस्कृतिक विरासत का प्रभावशाली प्रदर्शन कर रहा है। न्यूयॉर्क में आयोजित सेल4थ 250 समारोह में सफल भागीदारी के बाद पोत 12 जुलाई को बोस्टन पहुंचा, जहां उसने सेल बोस्टन 2026 के उद्घाटन समारोह का प्रमुख हिस्सा बनकर अंतरराष्ट्रीय आकर्षण का केंद्र बनाया।
ग्रैंड परेड ऑफ सेल्स के दौरान बोस्टन में भारत के महावाणिज्यदूत रघुराम शास्त्री भी INS सुदर्शनी पर सवार हुए। भारतीय तिरंगे के साथ सजा यह पोत कैसल द्वीप, सीपोर्ट डिस्ट्रिक्ट सहित कई प्रमुख समुद्री मार्गों से गुजरते हुए बोस्टन फिश पियर पहुंचा, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने इसका स्वागत किया।
20 से अधिक देशों के 60 से ज्यादा विशाल नौकायन पोतों की मौजूदगी वाले इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में INS सुदर्शनी भारत का प्रतिनिधित्व कर रहा है। यह पोत ‘लोकायन 2026’ अभियान के तहत समुद्री कूटनीति, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और वैश्विक सहयोग का संदेश लेकर दुनिया के विभिन्न बंदरगाहों का दौरा कर रहा है। INS सुदर्शनी 12 से 15 जुलाई तक आम नागरिकों और आगंतुकों के लिए भी खुला रहेगा, जिससे लोग भारतीय समुद्री परंपरा और नौसेना की कार्यशैली को करीब से जान सकेंगे।
इससे पहले पोत नॉरफ़ॉक, बाल्टीमोर और न्यूयॉर्क जैसे प्रमुख अमेरिकी बंदरगाहों का सफल दौरा कर चुका है। बोस्टन में इसकी मौजूदगी भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते समुद्री सहयोग को नई मजबूती देने के साथ-साथ विश्व मंच पर भारत की समुद्री पहचान को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।