तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। डीएमके प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने टीवीके प्रमुख थलपति विजय को लेकर बड़ा बयान दिया है। एक तमिल अखबार को दिए इंटरव्यू में स्टालिन ने कहा कि राज्य में किसी भी तरह का संवैधानिक संकट पैदा नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर TVK सरकार बनाती है तो उसे जनता के लिए चल रही कल्याणकारी योजनाओं को बिना किसी रुकावट जारी रखना चाहिए।
एमके स्टालिन ने साफ कहा कि डीएमके अगले छह महीने तक TVK सरकार को किसी तरह की राजनीतिक चुनौती नहीं देगी। उनके इस बयान के बाद तमिलनाडु की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसे थलपति विजय के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। विजय हाल ही में सक्रिय राजनीति में उतरे हैं और उनकी पार्टी TVK तेजी से राज्य की राजनीति में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही है।
कांग्रेस के समर्थन के बाद TVK ने सरकार बनाने का दावा पेश किया है। वहीं दूसरी ओर एआईएडीएमके ने अपने विधायकों को पुडुचेरी शिफ्ट कर दिया है, जिससे राज्य की राजनीतिक हलचल और बढ़ गई है। इसी बीच डीएमके ने अपने नवनिर्वाचित विधायकों की अहम बैठक भी बुलाई है। माना जा रहा है कि पार्टी आगे की रणनीति पर चर्चा कर सकती है।
स्टालिन के इस बयान के बाद डीएमके और एआईएडीएमके के संभावित गठबंधन की चर्चाओं पर भी फिलहाल विराम लग गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि डीएमके फिलहाल राज्य में स्थिरता बनाए रखने का संदेश देना चाहती है।