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सर्वदलीय बैठक से विपक्ष का वॉकआउट, महुआ मोइत्रा ने सरकार पर उठाए गंभीर सवाल

नयी दिल्लीः  संसद के मानसून सत्र से पहले आयोजित सर्वदलीय बैठक में उस समय राजनीतिक माहौल गरमा गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC), कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, DMK, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM), आम आदमी पार्टी (AAP), नेशनल कॉन्फ्रेंस, वाम दलों और शिवसेना (UBT) सहित कई विपक्षी दलों के प्रतिनिधि बैठक से विरोध स्वरूप बाहर निकल आए। बैठक […]

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  • July 19, 2026 1:00 pm IST, Published 8 hours ago

नयी दिल्लीः  संसद के मानसून सत्र से पहले आयोजित सर्वदलीय बैठक में उस समय राजनीतिक माहौल गरमा गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC), कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, DMK, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM), आम आदमी पार्टी (AAP), नेशनल कॉन्फ्रेंस, वाम दलों और शिवसेना (UBT) सहित कई विपक्षी दलों के प्रतिनिधि बैठक से विरोध स्वरूप बाहर निकल आए।

बैठक के बाद तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि विपक्ष का यह कदम एक विशेष मुद्दे को लेकर था। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस समूह को उन्होंने “गैर-मान्यता प्राप्त” बताया, उसके सदस्यों को सर्वदलीय बैठक में शामिल किए जाने पर विपक्ष ने कड़ा एतराज जताया।

महुआ मोइत्रा के अनुसार, लोकसभा के रिकॉर्ड में ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के 28 सांसद दर्ज हैं, जबकि पार्टी से अलग हुए 20 सांसदों के विलय को अब तक लोकसभा अध्यक्ष की मंजूरी नहीं मिली है। उन्होंने दावा किया कि इन सांसदों से संबंधित अयोग्यता (डिस्क्वालिफिकेशन) की याचिकाएं अभी भी लंबित हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि संविधान के 91वें संशोधन के बाद अलग गुट के रूप में मान्यता देने का प्रावधान नहीं है। ऐसे में उनका सवाल था कि संसदीय कार्य मंत्री ने किन नियमों और आधारों पर इन सांसदों को सर्वदलीय बैठक में आमंत्रित किया।

महुआ मोइत्रा ने कहा कि विपक्ष ने इस मुद्दे पर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया और लोकतांत्रिक तरीके से बैठक से बाहर निकलने का फैसला किया। उन्होंने उन सभी विपक्षी दलों का धन्यवाद भी किया, जिन्होंने इस विरोध में एकजुटता दिखाई।

 

 

 

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