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राहुल गांधी पर रिजिजू का निशाना, बोले- सेवा से मिलेगा जनता का विश्वास

मार्च के दौरान पुलिस ने विपक्षी सांसदों को चुनाव आयोग के मुख्यालय तक पहुंचने से रोक दिया। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं की पुलिस के साथ नोकझोंक और बैरिकेडिंग के बीच प्रदर्शन की तस्वीरें सामने आईं। इसके बाद कई नेताओं को हिरासत में लिया गया। इस पूरे घटनाक्रम ने केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच चुनाव आयोग तथा SIR को लेकर चल रहे राजनीतिक टकराव को और...

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Gauravshali Bharat News
  • October 6, 2026 5:00 pm IST, Published 27 minutes ago

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने दिल्ली में विपक्षी सांसदों के चुनाव आयोग तक मार्च को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट को लेकर लगातार आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति अब बंद होनी चाहिए। रिजिजू की टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब INDIA ब्लॉक के सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े मुद्दों को लेकर संसद से चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर मार्च किया। पुलिस ने मार्च को आगे बढ़ने से रोक दिया, जिसके बाद कई विपक्षी नेताओं ने धरना दिया और कुछ नेताओं को हिरासत में लिया गया।

रिजिजू ने विपक्ष के आंदोलन को लेकर कहा कि कांग्रेस, राहुल गांधी और उनके सहयोगी लगातार चुनाव आयोग तथा सुप्रीम कोर्ट पर सवाल उठाते रहे हैं। उनके मुताबिक, यह सिलसिला लंबे समय से चल रहा है और अब इसे रोकने का समय आ गया है। उन्होंने विपक्ष से कहा कि लोकतंत्र में जनता के बीच काम करने और सेवा करने से ही जनसमर्थन हासिल किया जा सकता है। चुनाव में अपेक्षित जनादेश नहीं मिलने के बाद संस्थाओं पर आरोप लगाने से राजनीतिक स्थिति नहीं बदलेगी।

केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के कार्यकर्ताओं से सीखना चाहिए। रिजिजू के मुताबिक, भाजपा के कार्यकर्ता लंबे समय से समाज और देश के लिए काम करने का दावा करते हैं और इसी तरह की सेवा राजनीति में जनता का भरोसा बढ़ा सकती है। उन्होंने कहा कि केवल विरोध प्रदर्शन या राजनीतिक आरोपों से कांग्रेस का दोबारा मजबूत होना संभव नहीं है।

 किरेन रिजिजू ने कांग्रेस के लंबे राजनीतिक शासन का उल्लेख करते हुए आपातकाल का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को देश में लंबे समय तक सरकार चलाने का अवसर मिला और उसके शासन के दौरान आपातकाल भी लगाया गया था। उनका आरोप था कि उस दौर में लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचा। रिजिजू ने सवाल किया कि ऐसे इतिहास वाली पार्टी आज लोकतंत्र को लेकर सवाल कैसे उठा रही है।

उन्होंने कांग्रेस से यह भी अपील की कि वह ऐसे नैरेटिव को आगे बढ़ाने से बचे, जिन्हें भाजपा नेता भारत विरोधी मानते हैं। रिजिजू ने कहा कि देश की राजनीति में विपक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण है, लेकिन संस्थाओं पर लगातार हमला करने से लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत नहीं होगी। उन्होंने कांग्रेस से राजनीतिक विरोध के बजाय जनता के बीच जाकर काम करने और अपने संगठन को मजबूत करने पर ध्यान देने को कहा।

केंद्रीय मंत्री ने परिवारवाद के मुद्दे पर भी राहुल गांधी को घेरा। उन्होंने कहा कि केवल किसी राजनीतिक परिवार में जन्म लेने से कोई व्यक्ति प्रधानमंत्री नहीं बन सकता। उनके मुताबिक, देश का युवा बदल चुका है और अब राजनीति में काम तथा जनसेवा को महत्व देने की जरूरत है। उन्होंने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि देश उस दिशा में आगे बढ़ रहा है। विपक्ष की ओर से हालांकि चुनाव आयोग को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। INDIA ब्लॉक के सांसदों ने मंगलवार को दिल्ली में मार्च निकालकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।

विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची के SIR और चुनावी प्रक्रिया में ऐसे बदलाव हुए हैं, जिनसे चुनावी पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं। इन आरोपों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई और चुनाव आयोग से जुड़े सवाल सामने आए हैं। मार्च के दौरान पुलिस ने विपक्षी सांसदों को चुनाव आयोग के मुख्यालय तक पहुंचने से रोक दिया। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं की पुलिस के साथ नोकझोंक और बैरिकेडिंग के बीच प्रदर्शन की तस्वीरें सामने आईं। इसके बाद कई नेताओं को हिरासत में लिया गया। इस पूरे घटनाक्रम ने केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच चुनाव आयोग तथा SIR को लेकर चल रहे राजनीतिक टकराव को और तेज कर दिया है।

रिजिजू ने अंत में कांग्रेस से आंदोलन और आरोपों की राजनीति छोड़कर जनता के बीच जाकर काम करने की अपील की। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने भी लंबे समय तक विपक्ष में रहकर गांव-गांव जाकर लोगों के बीच काम किया है। उनके मुताबिक, जनता का विश्वास सेवा से हासिल किया जा सकता है, केवल राजनीतिक ड्रामे से नहीं। कांग्रेस और विपक्ष की ओर से चुनाव आयोग को लेकर उठाए जा रहे सवालों और भाजपा के पलटवार के बीच यह मुद्दा फिलहाल राजनीतिक बहस के केंद्र में बना हुआ है।

 

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