संजय सिंह ने कहा कि किसी भी मामले में कार्रवाई निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए। उनका कहना था कि पत्र में कुछ लोगों के नाम शामिल किए गए हैं, जबकि अन्य संबंधित व्यक्तियों का जिक्र नहीं किया गया। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि इसमें विनय कटियार का नाम भी नहीं है, जिससे पत्र की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं।
आप सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि श्रद्धालुओं से दान लेने के बाद रसीद नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि यदि इस प्रकार की कोई शिकायत सामने आई है तो उसकी भी स्वतंत्र और पारदर्शी जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके।
संजय सिंह ने जोर देकर कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और किसी भी जांच या कार्रवाई में राजनीतिक पक्षपात की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की ताकि तथ्यों के आधार पर निर्णय लिया जा सके।