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रोहिणी से तीन संदिग्ध शूटर गिरफ्तार, आजमगढ़ कनेक्शन की जांच तेज

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए हैरी बॉक्सर गिरोह से जुड़े तीन संदिग्ध शूटरों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपित कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े नेटवर्क के लिए काम कर रहे थे और विदेश में बैठे हैंडलरों […]

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  • July 13, 2026 10:55 am IST, Published 56 minutes ago

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए हैरी बॉक्सर गिरोह से जुड़े तीन संदिग्ध शूटरों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपित कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े नेटवर्क के लिए काम कर रहे थे और विदेश में बैठे हैंडलरों के संपर्क में थे।

गिरफ्तार आरोपितों की पहचान आजमगढ़ के महाराजगंज थाना क्षेत्र के भटनी गांव निवासी अभिनव उर्फ आकाश सिंह और विवेक यादव तथा दिल्ली निवासी शिव गोविंद के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि तीनों दिल्ली के रोहिणी इलाके में ठहरे हुए थे और आगे के निर्देशों का इंतजार कर रहे थे।

पुलिस के मुताबिक, आरोपितों की निशानदेही पर रोहिणी सेक्टर-11 क्षेत्र से जमीन में छिपाकर रखे गए तीन अत्याधुनिक पिस्तौल, 26 कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। जांच एजेंसियों का दावा है कि इन हथियारों का इस्तेमाल संगठित आपराधिक गतिविधियों में किया जाना था।

प्रारंभिक जांच में पुलिस ने आरोप लगाया है कि गिरोह दिल्ली-एनसीआर के कारोबारियों और ज्वेलर्स की रेकी कर उनकी तस्वीरें और वीडियो एन्क्रिप्टेड माध्यमों से विदेश में मौजूद कथित हैंडलरों तक भेजता था। इसके बाद कथित तौर पर विदेशी नंबरों से रंगदारी की मांग की जाती थी और रकम न मिलने पर धमकियां दी जाती थीं।

जांच के दौरान पुलिस ने यह भी दावा किया कि गिरफ्तार आरोपित वाराणसी में एक कथित आपराधिक वारदात की साजिश में भी शामिल रहे थे, हालांकि वह योजना सफल नहीं हो सकी।

पुलिस के अनुसार, अभिनव उर्फ आकाश सिंह का नाम पहले भी वर्ष 2024 के एक चर्चित हत्या मामले की जांच में सामने आया था। जांच एजेंसियों का कहना है कि जेल से रिहा होने के बाद उसने दोबारा कथित आपराधिक नेटवर्क से संपर्क स्थापित किया और विवेक यादव को भी इस नेटवर्क से जोड़ा।

फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। साथ ही हथियार आपूर्ति श्रृंखला, कथित विदेशी हैंडलरों और गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों की तलाश भी जारी है। आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया और जांच पूरी होने के बाद ही होगा।

 

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