कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों से पहले चुनाव आयोग ने मतगणना प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। सोमवार को होने वाली गिनती के लिए राज्यभर की 293 सीटों (फालता सीट को छोड़कर) पर 432 काउंटिंग ऑब्जर्वर की तैनाती की गई है।
इस बार सबसे ज्यादा निगरानी उत्तर 24 परगना जिले में देखने को मिलेगी। यहां की 33 विधानसभा सीटों के लिए 49 ऑब्जर्वर नियुक्त किए गए हैं। इसे मतगणना व्यवस्था के लिहाज से सबसे संवेदनशील जिलों में माना जा रहा है। इसके बाद दक्षिण 24 परगना का स्थान है, जहां 31 सीटों के लिए 45 पर्यवेक्षक लगाए गए हैं। आयोग का कहना है कि जिन जिलों में राजनीतिक मुकाबला कड़ा रहा है, वहां अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है। अलीपुरद्वार जिले में इस बार सबसे कम ऑब्जर्वर तैनात किए गए हैं। यहां की 5 सीटों के लिए 6 पर्यवेक्षक जिम्मेदारी संभालेंगे। वहीं, राज्य की राजधानी कोलकाता में 11 सीटों के लिए 12 ऑब्जर्वर तैनात किए गए हैं।
जहां एक से अधिक मतगणना हॉल बनाए गए हैं, वहां अतिरिक्त 165 काउंटिंग ऑब्जर्वर भी लगाए गए हैं ताकि प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी या बाधा न आए।
मतगणना केंद्रों के बाहर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 77 पुलिस ऑब्जर्वर भी तैनात किए गए हैं। आयोग ने साफ निर्देश दिए हैं कि ये पुलिस अधिकारी केवल बाहरी सुरक्षा और समन्वय का काम देखेंगे, और उन्हें किसी भी स्थिति में मतगणना कक्ष के अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। चुनाव आयोग का पूरा जोर इस बात पर है कि मतगणना प्रक्रिया बिना किसी विवाद और पूरी निष्पक्षता के साथ संपन्न हो।