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अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें बढ़ीं, CID का नया नोटिस

कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद Abhishek Banerjee की मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। कथित जाली हस्ताक्षर मामले में पूछताछ के बाद अब पश्चिम बंगाल अपराध जांच विभाग (CID) ने उन्हें कथित हेट स्पीच मामले में पूछताछ के लिए अगले सप्ताह पेश होने का नोटिस भेजा है। यह मामला पश्चिम […]

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  • June 12, 2026 6:45 pm IST, Published 16 seconds ago

कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद Abhishek Banerjee की मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। कथित जाली हस्ताक्षर मामले में पूछताछ के बाद अब पश्चिम बंगाल अपराध जांच विभाग (CID) ने उन्हें कथित हेट स्पीच मामले में पूछताछ के लिए अगले सप्ताह पेश होने का नोटिस भेजा है।

यह मामला पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए कथित भड़काऊ बयानों से जुड़ा है। आरोप है कि चुनावी माहौल के दौरान दिए गए कुछ बयानों ने तनाव बढ़ाने का काम किया। इसी संबंध में पहले बिधाननगर साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसकी जांच अब CID को सौंप दी गई है।

अधिकारियों के अनुसार, मामले से संबंधित सभी दस्तावेज, केस डायरी, डिजिटल साक्ष्य और अन्य रिकॉर्ड CID को हस्तांतरित कर दिए गए हैं। जांच एजेंसी अब उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की विस्तृत पड़ताल करेगी।

जानकारी के मुताबिक, शिकायत एक सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद दर्ज कराई गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि चुनाव बाद की परिस्थितियों और राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर की गई टिप्पणियां भड़काऊ प्रकृति की थीं। शिकायत में यह भी दावा किया गया कि कुछ बयान केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah से जुड़े संदर्भों में दिए गए थे।

CID अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े वीडियो क्लिप, सोशल मीडिया पोस्ट, ऑनलाइन लिंक और अन्य डिजिटल सामग्री को सुरक्षित कर लिया गया है। जांच के दौरान इन सभी पहलुओं की तकनीकी और कानूनी समीक्षा की जाएगी।

इस बीच अभिषेक बनर्जी पहले से ही अन्य राजनीतिक और कानूनी विवादों को लेकर चर्चा में हैं। हाल के दिनों में विभिन्न मामलों में उनका नाम सामने आने के कारण पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल बनी हुई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस जांच का असर राज्य की सियासत पर भी दिखाई दे सकता है।

हालांकि, तृणमूल कांग्रेस की ओर से इन आरोपों को राजनीतिक प्रेरित कार्रवाई बताया जाता रहा है। पार्टी का कहना है कि विपक्षी दल राजनीतिक लाभ के लिए ऐसे मामलों को मुद्दा बना रहे हैं। वहीं जांच एजेंसियों का कहना है कि वे कानून के अनुसार निष्पक्ष जांच कर रही हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि CID की पूछताछ में क्या तथ्य सामने आते हैं और जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।

 

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