नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर अपने पुराने रुख से अलग बयान देते हुए देश की तेज आर्थिक प्रगति की खुलकर प्रशंसा की है। ट्रंप ने कहा कि भारत इस समय दुनिया की सबसे तेजी से आगे बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और देश की विकास दर बेहद प्रभावशाली है। उनका यह बयान इसलिए चर्चा में है क्योंकि करीब एक वर्ष पहले उन्होंने भारत की अर्थव्यवस्था को “डेड इकोनॉमी” कहकर आलोचना की थी। अब उनके बदले हुए रुख को वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हाल ही में दिए गए एक इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने भारत की आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत लगातार मजबूत प्रदर्शन कर रहा है और उसकी विकास दर कई विकसित देशों से बेहतर है। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था 7 से 8 प्रतिशत की दर से आगे बढ़ रही है, जो किसी भी बड़े देश के लिए उल्लेखनीय उपलब्धि है।
भारत की विकास दर की हुई सराहना
ट्रंप ने कहा कि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में निवेश, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने माना कि भारत वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। तेजी से बढ़ते उद्योग, मजबूत उपभोक्ता बाजार और सरकारी सुधारों ने भारतीय अर्थव्यवस्था को नई गति दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति, बढ़ते विदेशी निवेश और वैश्विक कंपनियों की रुचि ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि को और मजबूत किया है। यही कारण है कि कई वैश्विक नेता और संस्थाएं भारत की आर्थिक संभावनाओं की सराहना कर रही हैं।
पहले दिया था ‘डेड इकोनॉमी’ वाला बयान
करीब एक वर्ष पहले ट्रंप ने भारत की अर्थव्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए उसे “डेड इकोनॉमी” कहा था। उस समय उनके बयान पर भारत में राजनीतिक और आर्थिक स्तर पर व्यापक प्रतिक्रिया देखने को मिली थी। कई अर्थशास्त्रियों ने उस टिप्पणी को तथ्यों से परे बताया था और कहा था कि भारत लगातार दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल रहा है।
अब ट्रंप का नया बयान उनके पुराने रुख से बिल्कुल अलग माना जा रहा है। इससे यह संकेत मिलता है कि भारत की आर्थिक उपलब्धियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सकारात्मक प्रभाव छोड़ा है।
वैश्विक मंच पर बढ़ रही भारत की ताकत
पिछले कुछ वर्षों में भारत ने डिजिटल भुगतान, स्टार्टअप इकोसिस्टम, विनिर्माण, हरित ऊर्जा, बुनियादी ढांचा और निर्यात जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। इसके साथ ही वैश्विक कंपनियां भारत में निवेश बढ़ा रही हैं और कई बहुराष्ट्रीय कंपनियां अपनी सप्लाई चेन का विस्तार भारत में कर रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF), विश्व बैंक और कई वैश्विक रेटिंग एजेंसियां भी भारत की विकास क्षमता को लेकर सकारात्मक अनुमान जता चुकी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आर्थिक सुधारों की गति इसी प्रकार जारी रही तो आने वाले वर्षों में भारत दुनिया की प्रमुख आर्थिक शक्तियों में और मजबूत स्थान बना सकता है।
भारत-अमेरिका संबंधों पर भी असर
विश्लेषकों के अनुसार ट्रंप का यह बयान केवल आर्थिक टिप्पणी नहीं बल्कि भारत-अमेरिका संबंधों के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा, तकनीक और रणनीतिक सहयोग लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में भारत की आर्थिक ताकत को लेकर अमेरिकी नेतृत्व की सकारात्मक टिप्पणी दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत करने का संकेत मानी जा रही है।
विशेषज्ञों की राय
आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि भारत की मजबूत घरेलू मांग, युवा आबादी, डिजिटल क्रांति और सरकारी सुधारों ने अर्थव्यवस्था को स्थिर आधार प्रदान किया है। वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत लगातार विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। विदेशी निवेशकों का विश्वास बढ़ने और उत्पादन आधारित योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से आने वाले वर्षों में भारत की आर्थिक वृद्धि और मजबूत होने की संभावना जताई जा रही है।
डोनाल्ड ट्रंप का भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर बदला हुआ रुख इस बात का संकेत है कि भारतीय अर्थव्यवस्था ने वैश्विक स्तर पर अपनी विश्वसनीयता और मजबूती को और मजबूत किया है। पहले आलोचना करने वाले ट्रंप का अब भारत की आर्थिक ग्रोथ की सार्वजनिक रूप से सराहना करना अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की बढ़ती आर्थिक ताकत का प्रमाण माना जा रहा है। आने वाले समय में भारत की विकास यात्रा वैश्विक अर्थव्यवस्था में उसकी भूमिका को और अधिक प्रभावशाली बना सकती है।