चुनाव परिणामों से ठीक पहले का माहौल हमेशा की तरह उत्सुकता और अनिश्चितता से भरा हुआ है इसी बीच कांग्रेस नेता शशि थरूर ने इन अनुमानों पर संतुलित लेकिन स्पष्ट रुख अपनाया।
थरूर ने कहा कि भारत में एग्जिट पोल अक्सर पूरी तरह भरोसेमंद नहीं होते, इसलिए वह उन पर ज्यादा निर्भर नहीं रहना चाहते। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि इस बार सभी एग्जिट पोल एक जैसी तस्वीर पेश कर रहे हैं, जो अपने आप में हैरान करने वाली बात है। उन्होंने अपने हालिया अनुभव साझा करते हुए बताया कि 4 अप्रैल के बाद से जिन भी पत्रकारों, विशेषज्ञों और राजनीतिक विश्लेषकों से उनकी बातचीत हुई, सभी का झुकाव एक ही दिशा में है कि UDF की संभावित जीत और अगर नतीजे इससे अलग आते हैं, तो वह वास्तव में चौंकाने वाला होगा।
थरूर ने यह भी कहा कि असली तस्वीर तो मतगणना के बाद ही साफ होगी, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि सुबह के कुछ घंटों में ही स्थिति स्पष्ट हो जाएगी और नतीजे उनके पक्ष में होंगे। अब सबकी निगाहें मतगणना के दिन पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि एग्जिट पोल सही साबित होते हैं या जमीनी सच्चाई कोई और कहानी कहती है।