चित्रकूट: सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर धर्मनगरी चित्रकूट में श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। देश के विभिन्न राज्यों से लाखों श्रद्धालु पुण्य स्नान, दर्शन और परिक्रमा के लिए चित्रकूट पहुंचे, जिससे पूरे मेला क्षेत्र में भारी भीड़ देखने को मिली। आस्था के इस महासंगम के बीच यातायात व्यवस्था चरमरा गई और कई प्रमुख मार्गों पर लंबा जाम लग गया।
सुबह से ही रामघाट, कामदगिरि परिक्रमा मार्ग और प्रमुख मंदिरों के आसपास श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, भीड़ का दबाव बढ़ता गया और मेला क्षेत्र की सड़कें वाहनों से भर गईं। कई स्थानों पर वाहन घंटों तक जाम में फंसे रहे, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
भीड़ अधिक होने के कारण प्रशासन को यातायात नियंत्रित करने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। हालांकि सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई थी, लेकिन श्रद्धालुओं की संख्या अनुमान से अधिक होने के कारण व्यवस्था पर दबाव साफ दिखाई दिया। कई जगहों पर लोगों को पैदल चलने में भी कठिनाई हुई।
श्रद्धालुओं का कहना है कि धार्मिक आस्था के कारण वे हर वर्ष चित्रकूट आते हैं, लेकिन इस बार भीड़ और जाम की स्थिति ने यात्रा को चुनौतीपूर्ण बना दिया। वहीं स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि भीड़ से कारोबार में बढ़ोतरी हुई, लेकिन यातायात अव्यवस्था के कारण लोगों को असुविधा भी झेलनी पड़ी।
सोमवती अमावस्या का हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन पवित्र नदियों में स्नान और पूजा-अर्चना करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। यही वजह है कि चित्रकूट जैसे प्रमुख तीर्थस्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है।
मेला क्षेत्र में बढ़ती भीड़ के बीच सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे। कई श्रद्धालुओं ने बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन और पार्किंग व्यवस्था की आवश्यकता बताई। हालांकि प्रशासन का कहना है कि भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए गए तथा स्थिति पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल दिनभर चली भीड़ और जाम के बीच श्रद्धालुओं का आना-जाना जारी रहा। प्रशासन ने लोगों से धैर्य बनाए रखने और निर्धारित मार्गों का उपयोग करने की अपील की है।