हापुड़: ज्येष्ठ माह की सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर तीर्थ नगरी ब्रजघाट में गंगा स्नान के लिए श्रद्धालुओं का ऐतिहासिक जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस दुर्लभ धार्मिक संयोग पर लाखों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं के कारण दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-9) पर वाहनों का दबाव अचानक बढ़ गया, जिससे हाईवे पर 5 किलोमीटर से भी अधिक लंबा भीषण जाम लग गया। चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी के बीच जाम में फंसे हजारों मुसाफिरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
गंगा पुल से शुरू हुआ यह ट्रैफिक जाम देखते ही देखते दोनों तरफ फैल गया।
एक तरफ यह गढ़ के स्याना चौपला तक पहुंच गया।
दूसरी तरफ अमरोहा जनपद के गजरौला तक गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं।
प्रशासनिक लापरवाही: हैरान करने वाली बात यह रही कि इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद के बावजूद स्थानीय प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस ने पहले से कोई ट्रैफिक डायवर्जन प्लान तैयार नहीं किया था।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस बार ज्येष्ठ माह में अधिमास (पुरुषोत्तम मास) होने के कारण सोमवार के दिन अमावस्या का बेहद दुर्लभ और विशेष संयोग बना है। इसी वजह से रविवार देर रात से ही उत्तर प्रदेश के अलावा पड़ोसी राज्यों से भी श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा:
प्रमुख राज्य जहां से आए श्रद्धालु: दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश।
घाटों का नजारा: सोमवार तड़के ब्रजघाट के गंगा घाटों पर पैर रखने तक की जगह नहीं बची थी।
सुबह होते-होते जब हाईवे पूरी तरह वाहनों से पट गया और स्थिति बेकाबू होने लगी, तब जाकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों में अफरा-तफरी मची। स्थिति को संभालने के लिए हापुड़ और अमरोहा पुलिस ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला।
राहत के लिए उठाए गए कदम: जाम के दबाव को कम करने के लिए पुलिस ने भारी वाहनों (जैसे ट्रकों और डंपरों) को हाईवे पर आगे बढ़ने से रोक दिया। इन भारी वाहनों को सिंभावली के बक्सर, बाबूगढ़ और हापुड़ बाईपास पर ही रोक कर यातायात को सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है।