राजभर की भविष्यवाणी पर अखिलेश का तंज

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर सहयोगी दलों और भाजपा गठबंधन को लेकर तीखा हमला बोला। इस दौरान उन्होंने बिना किसी नरमी के सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर पर निशाना साधते हुए उनकी राजनीतिक भविष्यवाणियों पर […]

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  • June 17, 2026 6:55 pm IST, Published 1 minute ago

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर सहयोगी दलों और भाजपा गठबंधन को लेकर तीखा हमला बोला। इस दौरान उन्होंने बिना किसी नरमी के सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर पर निशाना साधते हुए उनकी राजनीतिक भविष्यवाणियों पर सवाल खड़े किए।

लखनऊ में मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि जो लोग दूसरे दलों का भविष्य बताने में लगे हैं, उन्हें पहले अपनी पार्टी की स्थिति और भविष्य पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि भविष्यवाणी करने वालों को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि उन्हें वास्तव में कितनी राजनीतिक हिस्सेदारी मिलने वाली है।

सपा प्रमुख ने कहा कि राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा फैलाई गई कि भाजपा अपने सहयोगी दलों को बड़ी संख्या में सीटें देने जा रही है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या वास्तव में इतनी सीटें मिलेंगी या फिर यह केवल आश्वासन तक ही सीमित रहेगा। अखिलेश ने दावा किया कि गठबंधन के भीतर सीटों के बंटवारे को लेकर कई तरह की चर्चाएं और अफवाहें फैलाई गईं, जिनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।

अपने बयान को और धार देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि कुछ लोगों ने सीटों के नाम पर ऐसी बातें प्रचारित कीं, जिन पर अब खुद उनके समर्थक और सहयोगी सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि अफवाहों के आधार पर जो उम्मीदें बनाई गई थीं, अब उन्हीं उम्मीदों का हिसाब मांगने वाले लोग संबंधित नेताओं को तलाश रहे हैं।

उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों और राजनीतिक समीकरणों को लेकर बयानबाजी लगातार तेज हो रही है। विभिन्न दल अपने-अपने संगठन को मजबूत करने और जनता के बीच संदेश पहुंचाने में जुटे हैं। ऐसे में नेताओं के बीच जुबानी जंग भी राजनीतिक चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है। आने वाले समय में गठबंधन, सीट बंटवारे और चुनावी रणनीतियों को लेकर इस तरह के बयान और अधिक देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल अखिलेश यादव की टिप्पणी ने प्रदेश की सियासत में नई बहस छेड़ दी है।

 

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