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राम मंदिर ट्रस्ट की पहली बैठक में CEO जितेंद्र मिश्रा ने संभाली जिम्मेदारी

अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कार्यालय में CEO की नियुक्ति के बाद पहली बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में नवनियुक्त CEO जितेंद्र मिश्रा ने ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ मुलाकात की और आगे की कार्यप्रणाली को लेकर प्रारंभिक चर्चा की। बैठक को मुख्य रूप से परिचय और जिम्मेदारियों को समझने की दिशा […]

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  • September 3, 2026 5:52 pm IST, Published 39 minutes ago

अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कार्यालय में CEO की नियुक्ति के बाद पहली बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में नवनियुक्त CEO जितेंद्र मिश्रा ने ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ मुलाकात की और आगे की कार्यप्रणाली को लेकर प्रारंभिक चर्चा की। बैठक को मुख्य रूप से परिचय और जिम्मेदारियों को समझने की दिशा में पहला कदम माना जा रहा है।

बैठक के बाद जितेंद्र मिश्रा ने कहा कि उन्होंने ट्रस्ट की बैठक में हिस्सा लिया है। उनके अनुसार यह पहली बैठक परिचयात्मक थी, जिसमें ट्रस्ट के सदस्यों ने एक-दूसरे के बारे में जानकारी हासिल की और आने वाले समय में किस तरह काम किया जाएगा, इस पर प्रारंभिक समझ बनाने का प्रयास किया गया।

मिश्रा ने कहा कि आगे ट्रस्ट जिस तरह और जितनी आवश्यकता महसूस करेगा, उसके अनुसार वह ट्रस्ट के साथ बैठकें करते रहेंगे। उनका कहना था कि CEO के रूप में अपनी जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभाने के लिए सबसे पहले ट्रस्ट के कामकाज और उससे जुड़ी व्यवस्थाओं को अच्छी तरह समझना जरूरी है। नवनियुक्त CEO ने संकेत दिया कि वह जल्दबाजी में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय पहले पूरी व्यवस्था को समझने पर ध्यान देंगे। उन्होंने कहा कि जब वह ट्रस्ट के कामकाज को भलीभांति समझ लेंगे, तब CEO के तौर पर अपनी भूमिका को उसी के अनुरूप आगे बढ़ाएंगे।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों और व्यवस्थाओं की देखरेख करता है। ऐसे में CEO की भूमिका को प्रशासनिक और समन्वय से जुड़े कार्यों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नई जिम्मेदारी संभालने के बाद जितेंद्र मिश्रा की पहली बैठक को इसी प्रक्रिया की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है। पहली बैठक में तत्काल किसी बड़े निर्णय के बजाय आपसी परिचय और कार्यप्रणाली की समझ विकसित करने पर जोर रहा।

इससे यह संकेत मिलता है कि नए CEO पहले ट्रस्ट की मौजूदा व्यवस्था, विभिन्न जिम्मेदारियों और कामकाज के तरीके को समझने के बाद आगे की भूमिका तय करना चाहते हैं अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े कार्यों को लेकर देशभर में लोगों की रुचि बनी रहती है। मंदिर निर्माण से लेकर श्रद्धालुओं की सुविधाओं, प्रशासनिक समन्वय और अन्य व्यवस्थाओं तक कई स्तरों पर काम किया जाता है। ऐसे में ट्रस्ट और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल को महत्वपूर्ण माना जाता है।

जितेंद्र मिश्रा के बयान से यह भी स्पष्ट हुआ कि वह ट्रस्ट के साथ समन्वय बनाकर अपनी जिम्मेदारी निभाने पर जोर दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की आवश्यकता के अनुसार वह बैठकें करेंगे और कार्यों को समझने के बाद CEO के रूप में पूरी तरह सक्रिय होंगे। पहली बैठक को लेकर सामने आए बयान से फिलहाल यही संकेत मिलता है कि नई जिम्मेदारी संभालने के बाद CEO का प्राथमिक फोकस व्यवस्था को समझने, ट्रस्ट के सदस्यों के साथ समन्वय स्थापित करने और कामकाज की प्रक्रिया से परिचित होने पर है।

आने वाले दिनों में जितेंद्र मिश्रा की भूमिका और उनकी प्राथमिकताएं अधिक स्पष्ट हो सकती हैं। ट्रस्ट के साथ लगातार बैठक और संवाद के माध्यम से वह अपनी जिम्मेदारियों को समझेंगे और उसके बाद CEO के रूप में कार्यों को आगे बढ़ाएंगे। पहली बैठक इसी व्यापक प्रक्रिया की शुरुआती कड़ी रही, जिसमें परिचय के साथ भविष्य में साथ मिलकर काम करने की दिशा तय करने पर ध्यान दिया गया।

 

 

 

 

 

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