सड़क हादसे के बाद बवाल, शव रखकर किया प्रदर्शन, पुलिस पर पथराव

घोसी (उत्तर प्रदेश)। मऊ जिले के घोसी कोतवाली क्षेत्र में वाराणसी-गोरखपुर हाईवे पर हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे के बाद शनिवार को स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पिढ़वल मोड़ के पास एक महिला की सड़क दुर्घटना में मौत हो जाने से ग्रामीणों और परिजनों में भारी आक्रोश फैल गया। हादसे के बाद गुस्साए लोगों ने महिला […]

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  • June 21, 2026 1:00 am IST, Published 1 hour ago

घोसी (उत्तर प्रदेश)। मऊ जिले के घोसी कोतवाली क्षेत्र में वाराणसी-गोरखपुर हाईवे पर हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे के बाद शनिवार को स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पिढ़वल मोड़ के पास एक महिला की सड़क दुर्घटना में मौत हो जाने से ग्रामीणों और परिजनों में भारी आक्रोश फैल गया। हादसे के बाद गुस्साए लोगों ने महिला के शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया और क्षेत्र में अंडरपास निर्माण की मांग उठाई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए। लोगों का आरोप था कि हाईवे पर सुरक्षित आवागमन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण आए दिन हादसे होते रहते हैं। इसी वजह से उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़क जाम कर दी। प्रदर्शन के चलते हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात कई घंटों तक प्रभावित रहा।

मृतका के परिजनों का कहना था कि यदि क्षेत्र में अंडरपास या सुरक्षित पारपथ की व्यवस्था होती तो यह हादसा टाला जा सकता था। प्रदर्शनकारी प्रशासन से तत्काल कार्रवाई और स्थायी समाधान की मांग कर रहे थे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस आश्वासन नहीं दिया जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब पुलिस ने सड़क से शव हटाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने का प्रयास किया। पुलिस की इस कार्रवाई का कुछ लोगों ने विरोध किया और देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया। आरोप है कि आक्रोशित भीड़ के कुछ लोगों ने पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया। अचानक हुए पथराव से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और पुलिसकर्मियों को खुद को सुरक्षित करने के लिए पीछे हटना पड़ा।

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंच गई। हालात को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। क्षेत्राधिकारी (सीओ), कोतवाल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर डटे रहे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की तथा उनकी मांगों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।

काफी देर तक चली बातचीत और समझाइश के बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हुई। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और यातायात को बहाल कराया। हालांकि घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना रहा और सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस बल की तैनाती जारी रखी गई।

पुलिस का कहना है कि सड़क हादसे के कारण महिला की मौत हुई है और मामले की जांच की जा रही है। वहीं पथराव की घटना में शामिल लोगों की पहचान भी की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना ने एक बार फिर हाईवे सुरक्षा और स्थानीय लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा संबंधी सुविधाएं विकसित नहीं की गईं, तो भविष्य में भी ऐसे हादसे होने की आशंका बनी रहेगी।

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