गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गाजियाबाद स्थित प्राचीन एवं ऐतिहासिक श्री दूधेश्वरनाथ महादेव मंदिर पहुंचकर भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री के मंदिर आगमन को लेकर पूरे परिसर में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए थे। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में पुलिस, पीएसी तथा सुरक्षा एजेंसियों के जवान तैनात रहे। मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही को भी व्यवस्थित ढंग से संचालित किया गया ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दौरा धार्मिक आस्था के साथ-साथ प्रशासनिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके मंदिर पहुंचते ही स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक किया तथा प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और विकास की कामना की।
दूधेश्वरनाथ मंदिर का विशेष महत्व
गाजियाबाद का श्री दूधेश्वरनाथ महादेव मंदिर उत्तर भारत के प्रमुख शिव मंदिरों में से एक माना जाता है। मान्यता है कि यह मंदिर हजारों वर्ष पुराना है और यहां स्थापित शिवलिंग स्वयंभू है। सावन माह, महाशिवरात्रि तथा अन्य धार्मिक अवसरों पर यहां लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर का धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व इसे प्रदेश के प्रमुख तीर्थ स्थलों में शामिल करता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी समय-समय पर प्रदेश के विभिन्न प्रमुख धार्मिक स्थलों पर दर्शन-पूजन करते रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने गाजियाबाद स्थित इस प्रसिद्ध शिव मंदिर में पहुंचकर पूजा-अर्चना की।
सुरक्षा के रहे व्यापक इंतजाम
मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन कई दिनों से तैयारियों में जुटा हुआ था। मंदिर परिसर को सुरक्षा घेरे में रखा गया। प्रवेश द्वारों पर कड़ी जांच की गई और सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र की निगरानी की। सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भी लगातार निगरानी रखी गई।
मुख्यमंत्री के काफिले के गुजरने वाले मार्गों पर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया। कई स्थानों पर यातायात को डायवर्ट किया गया ताकि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंदिर आगमन की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और श्रद्धालु मंदिर के आसपास पहुंच गए। हालांकि सुरक्षा कारणों से आम लोगों की आवाजाही नियंत्रित रखी गई, फिर भी लोगों में मुख्यमंत्री की एक झलक पाने का उत्साह स्पष्ट दिखाई दिया।
मंदिर परिसर के बाहर मौजूद श्रद्धालुओं ने “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयकारे लगाए। धार्मिक वातावरण के बीच मुख्यमंत्री ने शांतिपूर्वक पूजा-अर्चना संपन्न की।
धार्मिक पर्यटन को मिल रहा बढ़ावा
उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। काशी, अयोध्या, मथुरा, प्रयागराज और गोरखपुर के साथ-साथ अन्य धार्मिक स्थलों के विकास के लिए भी लगातार योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसी कड़ी में गाजियाबाद के दूधेश्वरनाथ मंदिर का भी धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से विशेष महत्व माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मुख्यमंत्री जैसे शीर्ष जनप्रतिनिधियों के धार्मिक स्थलों पर आगमन से उन स्थानों की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और भी मजबूत होती है, जिससे स्थानीय पर्यटन और व्यापार को भी लाभ मिलता है।
प्रशासन रहा पूरी तरह सतर्क
मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर पुलिस, प्रशासन और अन्य विभागों के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से व्यवस्थाओं की निगरानी की। सुरक्षा के अलावा सफाई, पार्किंग, बैरिकेडिंग और चिकित्सा सेवाओं की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई थी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस और मेडिकल टीम भी तैनात रही।
प्रदेश की खुशहाली की कामना
पूजा-अर्चना के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान शिव से उत्तर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति, सुरक्षा और विकास की प्रार्थना की। उन्होंने प्रदेशवासियों के स्वस्थ एवं समृद्ध जीवन की कामना भी की। मुख्यमंत्री का यह दौरा धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का भी संदेश माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री के दौरे के बाद मंदिर परिसर में सामान्य दर्शन व्यवस्था पुनः बहाल कर दी गई। प्रशासन ने पूरे कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और सफल बताया। स्थानीय नागरिकों ने भी सुरक्षा और व्यवस्थाओं की सराहना की।