• होम
  • उत्तर प्रदेश
  • इंटरमीडिएट परीक्षा में धर्मेंद्र का कमाल, जिले में चौथा स्थान हासिल

इंटरमीडिएट परीक्षा में धर्मेंद्र का कमाल, जिले में चौथा स्थान हासिल

सादुल्लानगर/बलरामपुर: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की इंटरमीडिएट परीक्षा के घोषित परिणामों में क्षेत्र के ए.जी. हाशमी इंटर कॉलेज के छात्र धर्मेंद्र ने शानदार सफलता हासिल करते हुए जिले की मेरिट सूची में चौथा स्थान प्राप्त किया है। धर्मेंद्र ने कुल 500 अंकों में से 491 अंक अर्जित कर न केवल अपने विद्यालय बल्कि पूरे […]

Advertisement
Gauravshali Bharat
Gauravshali Bharat News
  • April 23, 2026 7:13 pm IST, Published 5 hours ago

सादुल्लानगर/बलरामपुर: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की इंटरमीडिएट परीक्षा के घोषित परिणामों में क्षेत्र के ए.जी. हाशमी इंटर कॉलेज के छात्र धर्मेंद्र ने शानदार सफलता हासिल करते हुए जिले की मेरिट सूची में चौथा स्थान प्राप्त किया है। धर्मेंद्र ने कुल 500 अंकों में से 491 अंक अर्जित कर न केवल अपने विद्यालय बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, विद्यालय और गांव में खुशी का माहौल है।

परिणाम घोषित होते ही धर्मेंद्र के घर बधाई देने वालों का तांता लग गया। परिजनों, रिश्तेदारों और क्षेत्र के लोगों ने उन्हें मिठाई खिलाकर उज्ज्वल भविष्य की कामना की। धर्मेंद्र तुलाराम और तारादेवी के पुत्र हैं। चार बहनों—आरती, सोनी, शिवानी और नंदिनी—के इकलौते भाई धर्मेंद्र ने अपनी कड़ी मेहनत, अनुशासन और लगन के बल पर यह मुकाम हासिल किया है।

धर्मेंद्र ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और परिवार के सहयोग को दिया। उन्होंने बताया कि नियमित पढ़ाई, समय का सही प्रबंधन और लक्ष्य के प्रति समर्पण ही उनकी सफलता का मूल मंत्र रहा। उन्होंने कहा कि उनका सपना मेडिकल क्षेत्र में जाकर डॉक्टर बनना है। इसके लिए वह आगे नीट परीक्षा की तैयारी करेंगे, ताकि भविष्य में समाज के जरूरतमंद लोगों की सेवा कर सकें।

विद्यालय प्रबंधन ने भी धर्मेंद्र की इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त किया है। विद्यालय के प्रधानाचार्य और शिक्षकों ने कहा कि धर्मेंद्र की सफलता अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में भी विद्यालय के छात्र इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन कर क्षेत्र का नाम रोशन करेंगे।

धर्मेंद्र की इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि संसाधनों की कमी के बावजूद यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो बड़ी से बड़ी उपलब्धि हासिल की जा सकती है। उनकी यह उपलब्धि पूरे जिले के लिए गर्व का विषय बन गई है।

रमेश कुमार शर्मा। गौरवशाली भारत

Advertisement