नई दिल्ली। देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। उत्तर प्रदेश में ठंड के साथ कोहरे का असर बढ़ रहा है, वहीं ओडिशा में भूस्खलन की घटना ने कई परिवारों को प्रभावित किया है। दूसरी ओर, तमिलनाडु के कई जिलों में मौसम विभाग ने बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। मौसम में आए इस बदलाव का असर सड़क और रेल यातायात पर भी पड़ रहा है।
उत्तर प्रदेश में सर्दी ने धीरे-धीरे दस्तक देनी शुरू कर दी है। शुक्रवार सुबह लखनऊ, बाराबंकी, महराजगंज, श्रावस्ती और संभल समेत करीब 20 शहरों में कोहरा देखने को मिला। सुबह के समय दृश्यता कम होने से सड़क पर वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
कोहरे का असर रेल यातायात पर भी दिखाई दे रहा है। मिर्जापुर में रेलवे प्रशासन ने कोहरे को देखते हुए पांच ट्रेनों को अगले तीन महीने के लिए रद्द कर दिया है। इससे यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना में बदलाव करना पड़ सकता है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति और समय-सारिणी की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें।
ओडिशा के गंजाम जिले में भूस्खलन की घटना के बाद राहत और बचाव कार्य जारी है। पहाड़ी गांव में गुरुवार को मलबे से पांच और शव बरामद किए गए। इसके साथ ही हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर सात हो गई है, जबकि छह लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, यह हादसा 28 अक्टूबर को आए चक्रवात अर्नब के बाद हुए भूस्खलन के कारण हुआ था। पहाड़ी क्षेत्र में मलबा गिरने से कई लोग इसकी चपेट में आ गए थे। लापता लोगों की तलाश के लिए बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
लगातार बारिश और पहाड़ी क्षेत्र की कठिन परिस्थितियों के कारण राहत एवं बचाव दल को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भय और चिंता का माहौल है।
तमिलनाडु में भी मौसम विभाग ने खराब मौसम को लेकर चेतावनी जारी की है। कांचीपुरम और तिरुवन्नामलाई समेत राज्य के 10 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, 6 नवंबर की रात 1 बजे तक कुछ स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ बारिश हो सकती है। इसके साथ ही तेज हवाएं चलने की भी आशंका है। मौसम की स्थिति को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम की बदलती परिस्थितियां लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही हैं। उत्तर प्रदेश में कोहरे के कारण रेल और सड़क यातायात प्रभावित हो रहा है, जबकि ओडिशा में भूस्खलन से जनजीवन प्रभावित है। तमिलनाडु में बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी के बीच लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
प्रशासन और संबंधित विभागों के लिए मौसम से जुड़ी चुनौतियों के बीच यातायात व्यवस्था, राहत एवं बचाव कार्य और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता बनी हुई है।