कानपुर में एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान महिला का हाथ काटे जाने के मामले ने शनिवार को बड़ा रूप ले लिया। Indo-Tibetan Border Police (ITBP) के जवान विकास सिंह ने अस्पताल के डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए करीब 100 जवानों के साथ पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया।
सुबह करीब 11:15 बजे बड़ी संख्या में पहुंचे ITBP जवानों ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय के बाहर डेरा डाल दिया। परिसर में ITBP की कई गाड़ियां और ट्रक भी मौजूद रहे। जवानों ने पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल और अपर पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था डॉ. विपिन कुमार ताडा से मुलाकात कर मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की।
विकास सिंह का आरोप है कि उनकी मां निर्मला देवी को 13 मई की शाम सांस लेने में तकलीफ होने पर कृष्णा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। इलाज के कुछ घंटों बाद उनके दाहिने हाथ में सूजन आ गई। परिजनों का कहना है कि डॉक्टरों ने शुरुआत में इसे सामान्य बताया, लेकिन हालत बिगड़ती चली गई।
इसके बाद परिवार ने महिला को दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने हाथ में गंभीर संक्रमण होने की बात कही। हालत ज्यादा खराब होने पर 17 मई को महिला का हाथ काटना पड़ा।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि शिकायत के बावजूद स्थानीय पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की ओर से समय पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। विकास सिंह का कहना है कि उन्होंने कई बार पुलिस और अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस कमिश्नर ने सीएमओ कार्यालय को जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। हालांकि, रिपोर्ट आने के बाद भी विवाद खत्म नहीं हुआ। आरोप है कि रिपोर्ट में स्पष्ट जिम्मेदारी तय नहीं की गई और संभावनाओं के आधार पर बात कही गई, जिससे डॉक्टरों को बचाने की कोशिश नजर आई।
सूत्रों के अनुसार पुलिस कमिश्नर ने स्वास्थ्य विभाग से साफ और तथ्यात्मक रिपोर्ट देने को कहा है, ताकि जिम्मेदारी तय कर आगे कानूनी कार्रवाई की जा सके। शनिवार को इसी मुद्दे को लेकर ITBP जवान दोबारा पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
घटना के बाद शहर में स्वास्थ्य सेवाओं और जांच प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं, सोशल मीडिया पर भी मामले को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।