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गड्ढों की मरम्मत के लिए MCD-CRRI की बड़ी पहल

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली की सड़कों को अधिक मजबूत, टिकाऊ और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। दिल्ली नगर निगम (MCD) और सीएसआईआर-केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (CRRI ) ने सड़कों की गुणवत्ता सुधारने, गड्ढों की त्वरित मरम्मत और आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए रणनीतिक साझेदारी की […]

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  • June 12, 2026 4:11 pm IST, Published 2 hours ago

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली की सड़कों को अधिक मजबूत, टिकाऊ और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। दिल्ली नगर निगम (MCD) और सीएसआईआर-केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (CRRI ) ने सड़कों की गुणवत्ता सुधारने, गड्ढों की त्वरित मरम्मत और आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए रणनीतिक साझेदारी की है।

इस सहयोग के तहत दोनों संस्थानों के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिसके माध्यम से दिल्ली की सड़कों का वैज्ञानिक मूल्यांकन, निर्माण गुणवत्ता की निगरानी और एमसीडी के इंजीनियरों तथा कर्मचारियों को तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसका उद्देश्य सड़क निर्माण और रखरखाव में आधुनिक वैज्ञानिक तरीकों को अपनाकर नागरिकों को बेहतर सड़क सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

इस पहल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा CRRI द्वारा विकसित ‘इकोफिक्स’ तकनीक है। यह तकनीक लोहे और इस्पात स्लैग आधारित सामग्री का उपयोग कर सड़कों के गड्ढों की त्वरित और टिकाऊ मरम्मत करने में सक्षम है। इस तकनीक की खासियत यह है कि यह औद्योगिक उप-उत्पादों का उपयोग करती है, जिससे अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा मिलता है और प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव कम होता है।

इकोफिक्स तकनीक से सड़क मरम्मत कार्य तेज गति से किया जा सकेगा, जिससे लंबे समय तक सड़क बंद रहने या यातायात प्रभावित होने जैसी समस्याओं में कमी आएगी। साथ ही यह तकनीक सड़कों की मजबूती और उनकी आयु बढ़ाने में भी सहायक होगी।

MCD आयुक्त संजीव खीरवार ने कहा कि तकनीक आधारित यह सहयोग सड़क रखरखाव की पारंपरिक पद्धतियों को अधिक प्रभावी बनाएगा। सड़कों की नियमित निगरानी और वैज्ञानिक मूल्यांकन के जरिए समय रहते समस्याओं की पहचान की जा सकेगी और उनका समाधान किया जा सकेगा।

CRRI निदेशक डॉ. चौधरी रवि शेखर ने बताया कि सड़क निर्माण और रखरखाव में स्टील स्लैग आधारित तकनीकों के उपयोग से पर्यावरणीय लाभ भी मिलेंगे। बेहतर सड़क स्थिति से धूल प्रदूषण कम होने की संभावना है, जबकि पुनर्चक्रण आधारित निर्माण सामग्री के उपयोग से चक्रीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।

इस परियोजना के तहत MCD के इंजीनियरों और तकनीकी कर्मचारियों की क्षमता निर्माण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्हें सड़क गुणवत्ता परीक्षण, निरीक्षण और आधुनिक रखरखाव तकनीकों से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि भविष्य में सड़क प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।  इस तरह की पहलें केवल सड़कों की गुणवत्ता सुधारने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह शहरी अवसंरचना को अधिक टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

दिल्ली जैसे महानगर में बढ़ते यातायात और सड़क उपयोग को देखते हुए यह साझेदारी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उम्मीद है कि वैज्ञानिक तकनीकों और आधुनिक निर्माण पद्धतियों के उपयोग से राजधानी की सड़कें अधिक सुरक्षित, टिकाऊ और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बन सकेंगी।

 

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