नोएडा: उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिए बहुप्रतीक्षित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब यात्री सेवाओं के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की है कि 15 जून से जेवर स्थित इस एयरपोर्ट से घरेलू उड़ानों का संचालन शुरू होगा। इसके साथ ही देश को एक और आधुनिक और विश्वस्तरीय हवाई अड्डा मिलने जा रहा है, जिसे भविष्य में एशिया के प्रमुख एविएशन हब के रूप में विकसित करने की योजना है।
मुख्यमंत्री ने लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बताया कि शुरुआती चरण में इंडिगो और आकाशा एयर हैदराबाद, बेंगलुरु, लखनऊ, अमृतसर और नवी मुंबई जैसे प्रमुख शहरों के लिए उड़ानें संचालित करेंगी। आने वाले समय में अन्य एयरलाइंस भी यहां से अपनी सेवाएं शुरू करेंगी, जिससे यात्रियों को अधिक विकल्प और बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
यात्री सेवाओं की शुरुआत से पहले एयरपोर्ट पर सभी जरूरी तकनीकी और परिचालन तैयारियों का सफल परीक्षण किया गया। इंडिगो एयरलाइंस के सहयोग से विमान के उतरने, यात्रियों के आवागमन, ईंधन भरने, कार्गो प्रबंधन और दोबारा उड़ान भरने तक की पूरी प्रक्रिया का परीक्षण किया गया। साथ ही खराब मौसम में सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित करने वाले इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) की भी सफल जांच की गई।
यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे स्थित यह एयरपोर्ट आधुनिक सुविधाओं से लैस है। यहां 3,900 मीटर लंबा रनवे और लगभग 1.37 लाख वर्ग मीटर में फैला अत्याधुनिक टर्मिनल बनाया गया है। इसके अलावा यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष टैक्सी सेवाएं, कैब नेटवर्क और ई-बसों की व्यवस्था भी की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट शुरू होने से दिल्ली-एनसीआर की हवाई यातायात क्षमता में बड़ा इजाफा होगा। इससे Indira Gandhi International Airport पर बढ़ते दबाव को कम करने में भी मदद मिलेगी। साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के कुछ हिस्सों के यात्रियों को बेहतर हवाई सुविधा मिल सकेगी।
एयरपोर्ट का संचालन यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (YIAPL) द्वारा किया जा रहा है, जो Zurich Airport International AG की सहयोगी कंपनी है। यह परियोजना सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल के तहत विकसित की गई है।
पहले चरण में एयरपोर्ट की वार्षिक यात्री क्षमता लगभग 1.2 करोड़ यात्रियों की होगी। भविष्य में विस्तार के बाद इसे सात करोड़ से अधिक यात्रियों की क्षमता वाले विशाल एविएशन और कार्गो हब के रूप में विकसित करने की योजना है। इससे न केवल हवाई यात्रा को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि क्षेत्र में निवेश, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।