वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में शुक्रवार रात एक CNG पंप पर लगी भीषण आग ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। जौनपुर हाईवे पर करसड़ियाव गांव के पास स्थित CNG स्टेशन पर अचानक भड़की आग कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर गई। आग की लपटें करीब 45 फीट तक आसमान में उठती दिखाई दीं, जिससे दूर-दूर तक लोग भयभीत हो गए। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रात करीब 9:20 बजे एक वाहन में CNG भरने का कार्य चल रहा था। इसी दौरान अचानक तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी और देखते ही देखते आग ने पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। गैस होने के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और कुछ ही देर में विशाल अग्निकुंड जैसा दृश्य बन गया। आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसकी लपटें कई किलोमीटर दूर से दिखाई दे रही थीं।
घटना के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास के क्षेत्र को खाली कराया और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। हाईवे पर वाहनों की आवाजाही भी अस्थायी रूप से रोक दी गई, ताकि किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।
दमकल विभाग की कई गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का अभियान शुरू किया। CNG और ज्वलनशील पदार्थों की मौजूदगी के कारण राहत कार्य काफी चुनौतीपूर्ण रहा। दमकल कर्मियों ने अत्यधिक सावधानी बरतते हुए आग पर नियंत्रण पाने का प्रयास किया। कई घंटों की लगातार मशक्कत के बाद देर रात लगभग 2 बजे आग को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया।
प्रारंभिक जांच में गैस रिसाव या तकनीकी खराबी को आग लगने का संभावित कारण माना जा रहा है। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि घटना के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा। विशेषज्ञों की टीम को मौके पर भेजा गया है, जो तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है।
राहत की बात यह रही कि समय रहते लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया, जिससे किसी बड़े जनहानि की सूचना नहीं है। हालांकि, आग से स्टेशन को भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं और CNG स्टेशनों पर सुरक्षा मानकों की समीक्षा करने की बात कही है।
यह हादसा एक बार फिर सार्वजनिक ईंधन स्टेशनों पर सुरक्षा उपायों और नियमित तकनीकी निरीक्षण की आवश्यकता को रेखांकित करता है। स्थानीय नागरिकों ने भी प्रशासन से ऐसे प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके।