भारत से नेपाल जाने वाले पर्यटकों के लिए अब यात्रा पहले जैसी थकाऊ नहीं रही। जहां पहले सीमा पर घंटों खड़े रहकर कागजी प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती थी, वहीं अब यह झंझट लगभग खत्म हो गया है।
नई डिजिटल व्यवस्था के तहत वाहन प्रवेश की पूरी प्रक्रिया,पंजीकरण से लेकर राजस्व भुगतान तक अब ऑनलाइन हो गई है। इसका मतलब साफ है की सीमा पर लंबी कतारें, बार-बार कागज दिखाने की परेशानी और समय की बर्बादी, सब बीते दिनों की बात बनने जा रहे हैं।
सोनौली बॉर्डर जैसे व्यस्त मार्गों से गुजरने वाले यात्रियों को इसका सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा। यहां अक्सर भीड़ और धीमी प्रक्रिया के कारण यात्रियों को काफी इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब सफर ज्यादा सहज और तेज होने की उम्मीद है।
इस नई पहल की शुरुआत काठमांडू में डा. स्वर्णिम वाग्ले ने की। भंसार विभाग द्वारा तैयार इस सिस्टम का उद्देश्य सिर्फ सुविधा बढ़ाना ही नहीं, बल्कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और आधुनिक बनाना भी है।
अब नेपाल की सीमा पार करना सिर्फ एक औपचारिकता रह जाएगी | जहां तकनीक यात्रियों के समय और अनुभव दोनों को बेहतर बना रही है।