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नोएडा : प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के क्षेत्रीय कार्यक्रम में सांसद डॉ. महेश शर्मा रहे मुख्य अतिथि, 18 युवाओं को मिले नियुक्ति पत्र

नोएडा : नोएडा में आयोजित क्षेत्रीय कार्यक्रम में भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा शनिवार को प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) के अंतर्गत लाभ वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के 15 लाख से […]

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  • June 20, 2026 4:15 pm IST, Published 2 hours ago

नोएडा : नोएडा में आयोजित क्षेत्रीय कार्यक्रम में भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा शनिवार को प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) के अंतर्गत लाभ वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के 15 लाख से अधिक लाभार्थियों को लगभग ₹2,400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि वितरित की।
कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देशभर के 200 क्षेत्रीय केंद्रों पर किया गया। गौतम बुद्ध नगर का क्षेत्रीय कार्यक्रम सेक्टर-62 स्थित एनआईओएस ऑडिटोरियम में आयोजित हुआ, जहां मुख्य अतिथि के रूप में गौतम बुद्ध नगर के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम में लगभग 300 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें 250 लाभार्थी, 50 नियोक्ता, उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि, राज्य सरकार के अधिकारी तथा ईपीएफओ के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रतिष्ठानों द्वारा नव-नियोजित 18 युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि योजना के माध्यम से उन्हें न केवल रोजगार के अवसर मिले हैं, बल्कि आर्थिक स्थिरता, कौशल विकास और बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने का आत्मविश्वास भी प्राप्त हुआ है।

युवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना केवल रोजगार उपलब्ध कराने की योजना नहीं है, बल्कि यह देश के युवाओं की आकांक्षाओं को नई उड़ान देने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि यह योजना उद्योग जगत और कार्यबल के बीच एक मजबूत सेतु का निर्माण कर रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अधिकांश सरकारी योजनाएं या तो कर्मचारियों अथवा नियोक्ताओं पर केंद्रित होती हैं, जबकि पीएम-वीबीआरवाई दोनों को समान रूप से प्रोत्साहित करती है। उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 70 लाख नए रोजगार सृजित किए जा चुके हैं और इतनी ही संख्या में युवाओं को पहली बार सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया गया है।

उन्होंने जानकारी दी कि लगभग 20 लाख युवाओं ने अपनी पहली नौकरी में छह माह का कार्यकाल पूरा कर लिया है, जबकि करीब 10 लाख लाभार्थियों को योजना के तहत प्रोत्साहन राशि प्राप्त हो चुकी है। अब तक ₹2,000 करोड़ से अधिक की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है।

डॉ. महेश शर्मा ने योजना को बताया ‘विन-विन मॉडल’

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद डॉ. महेश शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना कर्मचारियों और नियोक्ताओं दोनों के हितों को ध्यान में रखकर तैयार की गई एक अभिनव पहल है। उन्होंने कहा कि यह योजना युवाओं को औपचारिक रोजगार क्षेत्र में प्रवेश करने के लिए प्रोत्साहित करती है और उद्योगों को नए रोजगार सृजित करने के लिए प्रेरित करती है।

उन्होंने कहा कि यह योजना कर्मचारियों और नियोक्ताओं के बीच विश्वास, सहयोग और विकास पर आधारित एक ‘विन-विन मॉडल’ प्रस्तुत करती है, जिससे आने वाले वर्षों में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन को गति मिलेगी और विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा।

क्या है प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना?

प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) भारत सरकार की एक प्रमुख रोजगार-आधारित प्रोत्साहन (Employment Linked Incentive) योजना है। इसका उद्देश्य औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देना, पहली बार रोजगार प्राप्त करने वाले युवाओं को सहायता प्रदान करना तथा अतिरिक्त रोजगार सृजन के लिए नियोक्ताओं को प्रोत्साहित करना है।

योजना के अंतर्गत पात्र प्रथम बार नियोजित कर्मचारियों को एक माह के वेतन के बराबर, अधिकतम ₹15,000 तक की सहायता दी जाती है। वहीं अतिरिक्त रोजगार सृजित करने वाले नियोक्ताओं को दो वर्षों तक प्रोत्साहन प्रदान किया जाता है। विनिर्माण क्षेत्र के लिए यह सहायता अतिरिक्त दो वर्षों तक बढ़ाई गई है, जिससे श्रम-प्रधान उद्योगों में स्थायी रोजगार सृजन को बढ़ावा मिल सके।

इस योजना को विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण माध्यम माना जा रहा है।

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