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सुल्तानपुर कोर्ट में पेशी से पहले राहुल गांधी के काफिले का एक्सप्रेसवे पर हादसा

एक ओर काफिले की गाड़ियों के टकराने की घटना ने सुरक्षा और सड़क पर वाहनों के संचालन को लेकर सवाल खड़े किए हैं, वहीं दूसरी ओर मानहानि मामले में अदालत की प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं। हादसे में घायलों की संख्या, उनकी स्थिति और टक्कर के वास्तविक कारणों को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

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Gauravshali Bharat News
  • October 26, 2026 11:31 am IST, Published 51 seconds ago

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के काफिले की कई गाड़ियों के आपस में टकराने की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि हादसा सुल्तानपुर जिले के हालियापुर क्षेत्र में 91 किलोमीटर के माइलस्टोन के पास हुआ। इस घटना में काफिले में शामिल पांच गाड़ियों और एक एम्बुलेंस के बीच टक्कर होने की जानकारी सामने आई है। हादसे में कांग्रेस कार्यकर्ताओं, पार्टी पदाधिकारियों और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कुछ लोगों के घायल होने की बात कही जा रही है। राहत की बात यह है कि शुरुआती जानकारी के मुताबिक राहुल गांधी सुरक्षित हैं।

राहुल गांधी सोमवार को उत्तर प्रदेश के दौरे पर हैं। उन्हें सुल्तानपुर की विशेष एमपी-एमएलए अदालत में एक पुराने मानहानि मामले में पेश होना है। यह मामला केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़ा है। वर्ष 2018 में दिए गए एक बयान को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसी मामले में अदालत में आगे की सुनवाई और फैसले को लेकर राजनीतिक और कानूनी हलकों में नजर बनी हुई है।

जानकारी के अनुसार, यह मामला उस समय का है, जब राहुल गांधी ने कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अमित शाह को लेकर टिप्पणी की थी। इस बयान से आहत होने का दावा करते हुए भारतीय जनता पार्टी के तत्कालीन जिला उपाध्यक्ष विजय मिश्रा ने राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। बाद में उन्होंने सुल्तानपुर की अदालत में मानहानि का परिवाद दाखिल किया। शिकायतकर्ता का आरोप था कि राहुल गांधी की टिप्पणी से उनकी भावनाएं आहत हुईं और इससे संबंधित राजनीतिक विवाद पैदा हुआ। अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान राहुल गांधी को पेश होने के लिए तलब किया था। इसके बाद 2024 में राहुल गांधी अदालत में उपस्थित हुए। फरवरी 2024 में विशेष अदालत ने उन्हें जमानत दे दी थी। उस दौरान राहुल गांधी ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को नकारते हुए खुद को निर्दोष बताया था।

इसके बाद मामले में न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ी। अदालत में बयान दर्ज किए गए और साक्ष्यों से जुड़ी कार्यवाही पूरी होने के बाद अंतिम बहस की प्रक्रिया निर्धारित की गई। मामले के दौरान शिकायतकर्ता की ओर से राहुल गांधी के वॉयस सैंपल की जांच कराने की मांग भी उठाई गई थी। इस मांग को ट्रायल कोर्ट ने स्वीकार नहीं किया। बाद में इस फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं को सेशन कोर्ट और इलाहाबाद हाईकोर्ट से भी राहत नहीं मिली।

अब इस मामले में अदालत की कार्यवाही को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राहुल गांधी की पेशी के मद्देनजर उनके उत्तर प्रदेश दौरे पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हालांकि, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे और अदालत में होने वाली कार्यवाही के बीच किसी सीधे संबंध की जानकारी सामने नहीं आई है। दोनों घटनाएं एक ही दिन होने के कारण चर्चा में हैं। एक ओर काफिले की गाड़ियों के टकराने की घटना ने सुरक्षा और सड़क पर वाहनों के संचालन को लेकर सवाल खड़े किए हैं, वहीं दूसरी ओर मानहानि मामले में अदालत की प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हैं। हादसे में घायलों की संख्या, उनकी स्थिति और टक्कर के वास्तविक कारणों को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

फिलहाल, उपलब्ध शुरुआती जानकारी के मुताबिक राहुल गांधी सुरक्षित हैं। हादसे के संबंध में विस्तृत जानकारी और अदालत के फैसले की पुष्टि संबंधित अधिकारियों के आधिकारिक बयान के आधार पर किया जाना जरूरी है। इस मामले में आगे आने वाली जानकारी राजनीतिक और कानूनी, दोनों दृष्टिकोणों से अहम हो सकती है।

 

 

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