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रामदास आठवले की पार्टी करेगी यूपी चुनाव में एंट्री, भाजपा से 25 सीटों की मांग, नहीं तो अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी

लखनऊ : रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में ऐलान किया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से 25 सीटें मांगी हैं। गठबंधन न होने की स्थिति में आठवले ने अकेले चुनाव लड़ने की भी घोषणा की है। रिपब्लिकन […]

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  • April 25, 2026 2:30 pm IST, Published 41 minutes ago

लखनऊ : रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में ऐलान किया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से 25 सीटें मांगी हैं। गठबंधन न होने की स्थिति में आठवले ने अकेले चुनाव लड़ने की भी घोषणा की है।

रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष पवन कुमार गुप्ता ने शनिवार को एक आधिकारिक प्रेस नोट जारी किया। इसमें उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के लिए पार्टी की रणनीति और संगठन विस्तार की घोषणा की गई।

प्रेस नोट के अनुसार, रामदास आठवले ने कहा है कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में ब्लॉक स्तर पर मजबूत संगठन तैयार कर रही है, ताकि आगामी विधानसभा 2027 के चुनाव में वह जनता की आवाज को मजबूती से उठा सके। रामदास आठवले ने कहा कि केंद्र की एनडीए सरकार में वह एक महत्वपूर्ण घटक दल है। उत्तर प्रदेश में भी वह भाजपा की साहियोगी पार्टी के रूप में 25 सीटों पर मिलकर चुनाव लड़ेंगे। अगर यह मांग पूरी नहीं होती है तो पार्टी अकेले विधानसभा चुनाव लड़ेगी।

आठवले ने यह भी कहा कि आरपीआई उत्तर प्रदेश में अति दलित, अति पिछड़े, दबे-कुचले और वंचित तबके की आवाज है। इस तबके के वोट लेकर कुछ दलों ने अपना विकास किया है और इस वर्ग को कुछ भी नहीं दिया।

उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की कि समाज कल्याण विभाग की ओर से दलित बाहुल्य गांवों में समाज भवन का निर्माण कराया जाए और उसके संचालन की जिम्मेदारी इसी समाज के लोगों को दी जाए।

वहीं, रामदास आठवले ने महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक के पारित न होने पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को जिम्मेदार ठहराया। प्रेस नोट के अनुसार, उन्होंने कहा कि ये दोनों दल महिला विरोधी हैं और विधेयक का विरोध करके महिलाओं के विकास में बाधा डालने का कार्य कर रहे हैं।

 

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