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जेवर एयरपोर्ट से उड़ान भरते ही बदली तस्वीर: अपनी जमीन देने वाले 172 किसान बने पहले यात्री, लखनऊ में CM योगी से करेंगे मुलाकात

नोएडा/जेवर : उत्तर प्रदेश के विकास की नई उड़ान आखिरकार शुरू हो गई। वर्षों की योजना, निर्माण और इंतजार के बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) से सोमवार को पहली व्यावसायिक उड़ान का संचालन शुरू हुआ। लेकिन इस ऐतिहासिक शुरुआत को खास बनाने के लिए प्रशासन और सरकार ने एक अनूठी पहल की। एयरपोर्ट निर्माण के […]

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  • June 15, 2026 9:30 am IST, Published 2 hours ago

नोएडा/जेवर : उत्तर प्रदेश के विकास की नई उड़ान आखिरकार शुरू हो गई। वर्षों की योजना, निर्माण और इंतजार के बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) से सोमवार को पहली व्यावसायिक उड़ान का संचालन शुरू हुआ। लेकिन इस ऐतिहासिक शुरुआत को खास बनाने के लिए प्रशासन और सरकार ने एक अनूठी पहल की। एयरपोर्ट निर्माण के लिए अपनी पुश्तैनी जमीन देने वाले 172 किसानों को पहली उड़ान का यात्री बनाया गया। यह केवल एक हवाई यात्रा नहीं, बल्कि खेतों से आसमान तक पहुंचे उन किसानों के संघर्ष, त्याग और योगदान को सम्मान देने का प्रतीक बन गई।

सुबह जैसे ही लखनऊ से उड़ान भरकर पहला विमान जेवर एयरपोर्ट पहुंचा, पूरे परिसर में उत्साह और गर्व का माहौल देखने को मिला। एयरपोर्ट पर मौजूद अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने इस ऐतिहासिक क्षण का स्वागत किया। इसके बाद जेवर से लखनऊ के लिए विशेष उड़ान रवाना हुई, जिसमें 172 किसान सवार थे। ये वही किसान हैं जिनकी जमीन पर आज उत्तर भारत के सबसे महत्वाकांक्षी एयरपोर्ट प्रोजेक्ट्स में से एक खड़ा है।

खेतों से विमान तक का भावुक सफर

इस यात्रा का सबसे भावुक पहलू यह रहा कि जिन किसानों ने कभी अपनी कृषि भूमि सरकार को सौंपी थी, वे अब उसी जमीन पर बने विश्वस्तरीय एयरपोर्ट से पहली बार हवाई सफर कर रहे हैं। कई किसानों ने इसे अपने जीवन का अविस्मरणीय क्षण बताया। कुछ किसानों ने कहा कि उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि जिस जमीन पर वे खेती करते थे, वहीं से एक दिन विमान उड़ेंगे और वे स्वयं उसमें यात्री बनेंगे।

कई बुजुर्ग किसानों की आंखें नम दिखीं। उनके लिए यह केवल विकास परियोजना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य की उम्मीद है। किसानों का कहना है कि एयरपोर्ट बनने से क्षेत्र की पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी है तथा युवाओं के लिए रोजगार और व्यापार के नए अवसर खुलेंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से करेंगे मुलाकात

लखनऊ पहुंचने के बाद किसानों का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेगा। इस दौरान किसान एयरपोर्ट परियोजना के सफल संचालन और क्षेत्रीय विकास के लिए राज्य सरकार का आभार व्यक्त करेंगे। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री भी किसानों के योगदान को सम्मानित करेंगे और उनसे परियोजना से जुड़े अनुभव साझा करेंगे।

जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह भी किसानों के साथ इस यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि यह उड़ान केवल विमान की उड़ान नहीं बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास, किसानों के सम्मान और नए भारत की प्रगति की उड़ान है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास को मिलेगी नई गति

जेवर एयरपोर्ट के संचालन से पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, राजस्थान और उत्तराखंड के लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। अब यात्रियों को लंबी दूरी तय कर दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक जाने की आवश्यकता कम होगी। इससे समय और लागत दोनों की बचत होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि एयरपोर्ट शुरू होने के बाद नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में निवेश की रफ्तार और तेज होगी। लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, होटल, पर्यटन, परिवहन और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

पहले चरण में 1.2 करोड़ यात्रियों की क्षमता

एयरपोर्ट के पहले चरण में आधुनिक टर्मिनल भवन, रनवे और एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर तैयार किया गया है। वर्तमान में यह हर साल लगभग 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने में सक्षम है। भविष्य में इसके विस्तार के साथ कई अतिरिक्त रनवे और टर्मिनल विकसित किए जाएंगे, जिससे यह देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल हो सकेगा।

प्रारंभिक चरण में लखनऊ, बेंगलुरु, हैदराबाद और अन्य प्रमुख शहरों के लिए उड़ान सेवाएं शुरू की जा रही हैं। आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का नेटवर्क भी तेजी से बढ़ाया जाएगा।

विकास और सम्मान की नई मिसाल

जेवर एयरपोर्ट की पहली उड़ान में किसानों को शामिल करने का निर्णय विकास और संवेदनशीलता का अनोखा उदाहरण माना जा रहा है। अक्सर बड़ी परियोजनाओं में जमीन देने वाले लोगों की भूमिका चर्चा से दूर रह जाती है, लेकिन इस पहल ने उन किसानों को सम्मान देने का काम किया है जिन्होंने अपने क्षेत्र और राज्य के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया।

जेवर एयरपोर्ट से उड़ान भरते 172 किसानों की तस्वीरें अब उत्तर प्रदेश के विकास की नई पहचान बन गई हैं। यह दृश्य केवल एक एयरपोर्ट के उद्घाटन का नहीं, बल्कि उस बदलाव का प्रतीक है जिसमें गांव, किसान और आधुनिक विकास एक साथ आगे बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की धरती से शुरू हुई यह उड़ान आने वाले वर्षों में आर्थिक समृद्धि, रोजगार और नई संभावनाओं के आसमान को छूने का सपना लेकर आगे बढ़ रही है।

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