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महाभारत के अश्वत्थामा नहीं रहे! अंतिम दर्शन में उमड़ा सिनेमा जगत

मुंबई। भारतीय फिल्म और टेलीविजन जगत के लोकप्रिय अभिनेता प्रदीप रावत का निधन मनोरंजन जगत के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। टीवी के ऐतिहासिक धारावाहिक ‘महाभारत’ में अश्वत्थामा के किरदार से घर-घर पहचान बनाने वाले प्रदीप रावत का मंगलवार को 74 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की खबर […]

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  • August 5, 2026 7:30 pm IST, Published 40 minutes ago

मुंबई। भारतीय फिल्म और टेलीविजन जगत के लोकप्रिय अभिनेता प्रदीप रावत का निधन मनोरंजन जगत के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। टीवी के ऐतिहासिक धारावाहिक ‘महाभारत’ में अश्वत्थामा के किरदार से घर-घर पहचान बनाने वाले प्रदीप रावत का मंगलवार को 74 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की खबर सामने आते ही फिल्म इंडस्ट्री, टीवी कलाकारों और प्रशंसकों के बीच शोक की लहर दौड़ गई। बुधवार को मुंबई के गोरेगांव स्थित श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां बॉलीवुड और टीवी जगत की कई हस्तियां उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचीं।

प्रदीप रावत का जन्म 21 जनवरी 1952 को मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुआ था। उन्होंने अपने अभिनय करियर की शुरुआत छोटे पर्दे से की और बी.आर. चोपड़ा की चर्चित टीवी श्रृंखला ‘महाभारत’ में अश्वत्थामा की भूमिका निभाकर दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। इस किरदार ने उन्हें देशभर में लोकप्रिय बना दिया। बाद में उन्होंने हिंदी के अलावा तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम, बंगाली और भोजपुरी फिल्मों में भी अपनी दमदार अभिनय क्षमता का परिचय दिया।

अभिनेता के निधन के बाद मुंबई में उनके अंतिम संस्कार की तैयारियां पूरी की गईं। अंतिम यात्रा में फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई कलाकार और करीबी मौजूद रहे। अभिनेता आमिर खान स्वयं श्रद्धांजलि देने पहुंचे, जबकि सलमान खान ने भी उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। सोशल मीडिया पर भी हजारों प्रशंसकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके अभिनय को याद किया।

प्रदीप रावत को हिंदी सिनेमा में नकारात्मक किरदारों के लिए विशेष पहचान मिली। उन्होंने ‘सरफरोश’, ‘लगान’, ‘गजनी’, ‘ग्रैंड मस्ती’ जैसी फिल्मों में प्रभावशाली अभिनय किया। खासकर फिल्म ‘गजनी’ में निभाया गया उनका किरदार आज भी दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय माना जाता है। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने पहले तमिल फिल्म ‘गजनी’ में भी वही भूमिका निभाई थी, जिसे बाद में हिंदी रीमेक में दोहराया गया।

फिल्म ‘लगान’ में उन्होंने देवा सिंह सोढ़ी का किरदार निभाया था। यह भूमिका आमिर खान की क्रिकेट टीम के महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में दिखाई गई थी। वहीं ‘सरफरोश’ में उनके अभिनय ने दर्शकों और फिल्म निर्माताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा। बताया जाता है कि इसी फिल्म में उनका काम देखकर आमिर खान काफी प्रभावित हुए थे और बाद में उन्हें अपनी अन्य फिल्मों के लिए भी याद किया गया।

प्रदीप रावत का अभिनय केवल हिंदी फिल्मों तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने दक्षिण भारतीय फिल्मों में भी कई यादगार भूमिकाएं निभाईं। तेलुगु फिल्म ‘साये’ से उन्होंने दक्षिण भारतीय सिनेमा में अपनी मजबूत पहचान बनाई। इसके बाद उन्होंने कई बड़े निर्देशकों और सुपरस्टार्स के साथ काम किया। उनकी दमदार आवाज, प्रभावशाली व्यक्तित्व और स्क्रीन प्रेजेंस ने उन्हें खलनायक की भूमिकाओं के लिए पहली पसंद बना दिया।

जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ समय से प्रदीप रावत की तबीयत खराब चल रही थी। वह गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और पिछले करीब एक महीने से अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। स्वास्थ्य में सुधार की उम्मीद के बीच मंगलवार शाम उनके निधन की खबर सामने आई, जिसने उनके चाहने वालों को गहरा सदमा पहुंचाया।

उनकी आखिरी हिंदी फिल्म ‘छावा’ थी, जो 14 फरवरी 2025 को रिलीज हुई थी। इस फिल्म में भी उनके अभिनय को सराहा गया था। लंबे करियर में उन्होंने सैकड़ों फिल्मों और धारावाहिकों में अभिनय किया तथा हर किरदार को अपनी अलग शैली से यादगार बना दिया।

प्रदीप रावत के निधन पर फिल्म इंडस्ट्री के कई कलाकारों, निर्देशकों और निर्माताओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से शोक व्यक्त किया। प्रशंसकों ने लिखा कि भारतीय सिनेमा ने एक ऐसा कलाकार खो दिया है, जिसने अपने अभिनय से हर किरदार में जान डाल दी। कई लोगों ने उन्हें महाभारत के अश्वत्थामा के रूप में याद किया, जबकि नई पीढ़ी के दर्शकों ने उन्हें गजनी और अन्य फिल्मों के दमदार विलेन के रूप में श्रद्धांजलि दी।

मनोरंजन जगत के जानकारों का कहना है कि प्रदीप रावत उन कलाकारों में शामिल थे, जिन्होंने कभी स्टारडम से अधिक अपने अभिनय को महत्व दिया। यही वजह रही कि वे जिस भी भूमिका में नजर आए, उसे पूरी ईमानदारी और प्रभावशाली अंदाज से निभाया। उनके निधन से भारतीय सिनेमा और टेलीविजन जगत ने एक अनुभवी और बहुमुखी अभिनेता को खो दिया है। उनके द्वारा निभाए गए अश्वत्थामा, गजनी और सरफरोश जैसे किरदार आने वाले वर्षों तक दर्शकों की स्मृतियों में जीवित रहेंगे। उनके योगदान को हमेशा सम्मान और आदर के साथ याद किया जाएगा।

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