बागडोगरा आतंकी गिरफ्तारी पर अग्निमित्रा पॉल ने TMC और AAP को घेरा

बागडोगरा: पश्चिम बंगाल के बागडोगरा से संदिग्ध आतंकवादी हमिम मंडल की गिरफ्तारी के बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। पश्चिम बंगाल स्पेशल टास्क फोर्स (STF) का दावा है कि गिरफ्तार संदिग्ध ने CJP के विरोध प्रदर्शन में घुसपैठ करने की योजना बनाई थी। इस मामले को लेकर पश्चिम बंगाल […]

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  • August 2, 2026 11:36 am IST, Published 1 hour ago

बागडोगरा: पश्चिम बंगाल के बागडोगरा से संदिग्ध आतंकवादी हमिम मंडल की गिरफ्तारी के बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। पश्चिम बंगाल स्पेशल टास्क फोर्स (STF) का दावा है कि गिरफ्तार संदिग्ध ने CJP के विरोध प्रदर्शन में घुसपैठ करने की योजना बनाई थी। इस मामले को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने विपक्षी दलों पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि राज्य तथा देश की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए।
अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि इस प्रकार के आतंकवादी और राष्ट्र-विरोधी तत्वों को कुछ राजनीतिक दलों का अप्रत्यक्ष संरक्षण मिलता रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) और आम आदमी पार्टी (AAP) जैसी पार्टियां ऐसे तत्वों के प्रति नरम रुख अपनाती रही हैं। हालांकि उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई अतिरिक्त साक्ष्य सार्वजनिक रूप से पेश नहीं किया।

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों और उनके मुद्दों के साथ खड़ी है, लेकिन यदि छात्र आंदोलनों की आड़ में आतंकवादी या राष्ट्र-विरोधी तत्व घुसपैठ कर देश की सुरक्षा और सामाजिक व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश करेंगे तो इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनके अनुसार कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

अग्निमित्रा पॉल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार देश के विकास और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत और पश्चिम बंगाल को आगे बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे कुछ राजनीतिक दल असहज महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हित सर्वोपरि है और आतंकवाद के खिलाफ सभी दलों को एकजुट होकर काम करना चाहिए।

दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल STF द्वारा की गई कार्रवाई को सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी सफलता माना जा रहा है। एजेंसी का कहना है कि संदिग्ध की गतिविधियों और उसके संभावित संपर्कों की विस्तृत जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल थे और कथित साजिश का दायरा कितना व्यापक था।

इस बीच राजनीतिक हलकों में इस घटना को लेकर बहस तेज हो गई है। एक पक्ष इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बता रहा है, जबकि विपक्षी दलों की ओर से इस तरह के आरोपों पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां जांच को आगे बढ़ाने और सभी तथ्यों को एकत्र करने में जुटी हैं।

ऐसे मामलों में जांच पूरी होने से पहले किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। वहीं, सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यदि किसी भी विरोध प्रदर्शन या सार्वजनिक आयोजन में असामाजिक या आतंकी तत्वों की घुसपैठ की आशंका होती है तो उस पर कड़ी निगरानी रखी जाती है और आवश्यक कार्रवाई की जाती है।

फिलहाल इस पूरे मामले की जांच जारी है और सुरक्षा एजेंसियां गिरफ्तार संदिग्ध से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही हैं। आने वाले दिनों में जांच से जुड़े नए तथ्य सामने आने की संभावना है, जिनके आधार पर इस मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।

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