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बंगाल में आवास योजना के लाभार्थियों को बाजार से कम दाम पर मिलेगी बालू

बीरभूम के 11 ब्लॉकों से अगले महीने शुरू होगी योजना; पत्थर चेक गेटों से एक महीने में ₹72.78 करोड़ का रिकॉर्ड राजस्व विशेष संवाददाता, कोलकाता पश्चिम बंगाल में निर्माण सामग्री की आसमान छूती कीमतों और बिचौलियों (सिंडिकेट) के दखल से परेशान प्रधानमंत्री आवास योजना के गरीब लाभार्थियों के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला […]

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  • June 19, 2026 7:14 am IST, Published 2 hours ago

बीरभूम के 11 ब्लॉकों से अगले महीने शुरू होगी योजना; पत्थर चेक गेटों से एक महीने में ₹72.78 करोड़ का रिकॉर्ड राजस्व

विशेष संवाददाता, कोलकाता पश्चिम बंगाल में निर्माण सामग्री की आसमान छूती कीमतों और बिचौलियों (सिंडिकेट) के दखल से परेशान प्रधानमंत्री आवास योजना के गरीब लाभार्थियों के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में मकान बना रहे गरीब परिवारों को राहत देने के लिए बाजार दर से काफी कम कीमत पर सीधे रेत (बालू) उपलब्ध कराने की मुकम्मल व्यवस्था की है।

इस जनकल्याणकारी योजना को धरातल पर उतारने के लिए विस्तृत सर्वेक्षण का काम पूरा कर लिया गया है। आगामी महीने से प्राथमिक तौर पर बीरभूम जिले के लगभग 11 ब्लॉकों में इस नई व्यवस्था की शुरुआत कर दी जाएगी। इसके सफल क्रियान्वयन के बाद इसे क्रमिक रूप से पूरे राज्य में लागू किया जाएगा। बीरभूम के सूरी-एक ब्लॉक में आयोजित एक जन कल्याण शिविर को संबोधित करते हुए राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने इसकी आधिकारिक घोषणा की।

चेक गेटों से 72 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड राजस्व

पारदर्शी व्यवस्था का उल्लेख करते हुए मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने चौकाने वाले आंकड़े पेश किए। उन्होंने बताया कि सिंडिकेट राज और ‘फर्जी चालान’ के खिलाफ कड़े निर्देशों के बाद प्रशासनिक मुस्तैदी का ही नतीजा है कि बीरभूम के महज 10 पत्थर चेक गेटों से पिछले एक महीने (17 मई से 16 जून) के भीतर 72 करोड़ 78 लाख रुपये का रिकॉर्ड राजस्व सरकारी खजाने में जमा हुआ है। मंत्री ने कहा कि बकरीद के त्योहार की छुट्टियों के कारण इस राजस्व में थोड़ी कमी देखी गई, अन्यथा आगामी महीनों में इस आंकड़े के 100 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक मील के पत्थर को छूने का पूरा अनुमान है।

पिछली व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर साधा निशाना

प्रशासनिक सुधारों की तुलना करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि पहले के दौर में राजस्व का पैसा व्यवस्था की कमियों के कारण सही जगह नहीं पहुंच पाता था, जिसके कारण मासिक राजस्व संग्रह महज 9 से 22 करोड़ रुपये के बीच सिमट कर रह जाता था। अब सख्त निगरानी के कारण राजस्व में कई गुना बढ़ोतरी हुई है।

टैक्स चोरी करने वालों को सख्त चेतावनी

मंत्री ने अवैध कारोबारियों को सख्त लहजे में चेतावनी दी कि जो भी अवांछित तत्व ट्रकों में पत्थरों के ऊपर धूल की परत बिछाकर टैक्स चोरी या अवैध तस्करी का प्रयास करेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। ऐसे मामलों में पकड़े जाने पर वाहन स्वामियों और कारोबारियों को दोगुना जुर्माना भरना पड़ेगा।

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