कोलकाता / नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान खुद को ‘पुष्पा’ बताकर सुर्खियों में आए तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कद्दावर नेता जहांगीर खान को पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार कर लिया है। चुनाव नतीजों के बाद से ही फरार चल रहे जहांगीर खान नेपाल भागने की फिराक में थे।
जहांगीर खान को टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी का बेहद करीबी माना जाता है। दक्षिण 24 परगना जिले के फालता थाने में उनके खिलाफ रंगदारी, चुनावी गड़बड़ी और हिंसा सहित कुल 7 FIR दर्ज हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जहांगीर के समर्थकों पर महिलाओं को गैंगरेप की धमकी देने के भी गंभीर आरोप लगे हैं, हालांकि पुलिस ने अभी इस पर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। STF टीम आरोपी नेता को कोलकाता ला रही है।
‘सिंघम’ बनाम ‘पुष्पा’ का विवाद: चुनाव के दौरान जब चुनाव आयोग ने सख्त आईपीएस अधिकारी अजयपाल शर्मा को इलाके का ऑब्जर्वर नियुक्त किया, तो जहांगीर ने उन्हें चुनौती देते हुए कहा था, “अगर वह सिंघम हैं, तो हम भी पुष्पा हैं… पुष्पा झुकेगा नहीं साला।”
48 घंटे पहले छोड़ा था मैदान: फालता सीट पर ईवीएम में गड़बड़ी और धांधली के आरोपों के बाद चुनाव आयोग ने दोबारा मतदान (Re-polling) का आदेश दिया था। लेकिन री-पोल से ठीक 48 घंटे पहले जहांगीर खान ने अचानक चुनाव से नाम वापस ले लिया।
हाईकोर्ट से झटका: मई 2026 में जहांगीर ने कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर कर गिरफ्तारी से सुरक्षा मांगी थी। कोर्ट ने शुरुआत में उन्हें अंतरिम राहत दी थी, लेकिन 26 मई को उनकी सुरक्षा (Protection) की मियाद खत्म हो गई और कोर्ट ने इसे आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया।
फालता में बीजेपी की रिकॉर्ड जीत: जहांगीर खान के मैदान छोड़ने के बाद फालता सीट पर बीजेपी के देवांगशू पांडा ने 1,09,021 वोटों के रिकॉर्ड अंतर से ऐतिहासिक जीत दर्ज की।