चीन : के हांगझोउ से दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल जा रही एयर चाइना की एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब विमान के भीतर एक लिथियम बैटरी में अचानक आग लग गई। यह घटना एयर चाइना की फ्लाइट CA139 में उड़ान के दौरान हुई। आग लगने के बाद विमान में मौजूद यात्रियों के बीच कुछ समय के लिए घबराहट का माहौल बन गया, लेकिन केबिन क्रू ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थिति को नियंत्रित कर लिया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी यात्री या चालक दल के सदस्य को कोई गंभीर चोट नहीं आई और सभी सुरक्षित हैं।
जानकारी के अनुसार, उड़ान सामान्य रूप से अपने निर्धारित मार्ग पर थी। इसी दौरान केबिन में रखे एक सामान से धुआं उठता दिखाई दिया। जांच करने पर पता चला कि बैग के अंदर रखी एक लिथियम बैटरी में आग लग गई है। क्रू मेंबर्स ने बिना समय गंवाए सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत आग बुझाने की प्रक्रिया शुरू की और विशेष अग्निशमन उपकरणों की मदद से कुछ ही मिनटों में आग पर काबू पा लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धुआं फैलने के कारण कुछ यात्रियों में घबराहट जरूर हुई, लेकिन चालक दल ने लगातार घोषणा कर यात्रियों को शांत रहने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने के लिए कहा। क्रू की तत्परता और प्रशिक्षण की वजह से स्थिति बिगड़ने से पहले ही नियंत्रित कर ली गई।
एयरलाइन की ओर से जारी प्रारंभिक जानकारी में बताया गया कि आग की वजह एक लिथियम बैटरी मानी जा रही है। हालांकि, यह बैटरी किस इलेक्ट्रॉनिक उपकरण की थी और उसमें आग लगने का सटीक कारण क्या था, इसकी जांच की जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि लिथियम-आयन बैटरियां अधिक गर्म होने, क्षतिग्रस्त होने या शॉर्ट सर्किट की स्थिति में आग पकड़ सकती हैं।
विमानन सुरक्षा विशेषज्ञ लंबे समय से यात्रियों को सलाह देते रहे हैं कि पावर बैंक और अतिरिक्त लिथियम बैटरियों को हमेशा केबिन बैग में ही रखें। इन्हें चेक-इन बैगेज में रखने की अनुमति नहीं होती, क्योंकि आग लगने की स्थिति में केबिन क्रू तुरंत कार्रवाई कर सकता है। यही कारण है कि कई एयरलाइंस बैटरी से जुड़े सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन कराती हैं।
घटना के बाद विमान ने अपनी उड़ान सुरक्षित रूप से पूरी की। एयरलाइन ने पुष्टि की कि सभी यात्री और चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं तथा किसी को गंभीर चिकित्सा सहायता की आवश्यकता नहीं पड़ी। एहतियात के तौर पर विमान की तकनीकी जांच भी कराई जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आग का असर विमान के किसी अन्य हिस्से पर नहीं पड़ा।
हाल के वर्षों में दुनिया भर में लिथियम बैटरी से जुड़े कई छोटे-बड़े विमान हादसे सामने आए हैं। स्मार्टफोन, लैपटॉप, टैबलेट और पावर बैंक जैसे उपकरणों में इस्तेमाल होने वाली इन बैटरियों के कारण सुरक्षा एजेंसियां लगातार यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह देती रही हैं। यदि बैटरी में किसी प्रकार की खराबी हो या वह क्षतिग्रस्त हो जाए तो उसमें अत्यधिक गर्मी पैदा होकर आग लगने का खतरा बढ़ जाता है।
इस घटना ने एक बार फिर विमान यात्रा के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और लिथियम बैटरियों के सुरक्षित उपयोग के महत्व को उजागर किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यात्रियों को केवल प्रमाणित और अच्छी गुणवत्ता वाले चार्जर एवं पावर बैंक का उपयोग करना चाहिए। साथ ही क्षतिग्रस्त बैटरी या फूले हुए पावर बैंक को यात्रा के दौरान साथ ले जाने से बचना चाहिए।
एयर चाइना और संबंधित विमानन सुरक्षा एजेंसियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि आग लगने का वास्तविक कारण क्या था और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए किन अतिरिक्त उपायों की आवश्यकता होगी।
फिलहाल सबसे राहत की बात यह है कि चालक दल की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के कारण एक संभावित बड़ा हादसा टल गया और विमान में सवार सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित रहे।