नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म करने के लिए एक ऐतिहासिक समझौता हो गया है। इस बड़ी भू-राजनीतिक राहत की खबर के बाद सोमवार को दुनियाभर के शेयर बाजारों में जबरदस्त रौनक देखी जा रही है, जबकि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude Oil) की कीमत 4.8% गिरकर 83.18 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है।
हालिया इतिहास: कुछ हफ्ते पहले तक ब्रेंट क्रूड की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास मंडरा रही थीं।
जंग के दौरान का असर: ईरान संकट और युद्ध के चरम पर होने के दौरान कच्चे तेल के दाम उछलकर 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए थे।
युद्ध से पहले की स्थिति: जंग छिड़ने से पहले क्रूड ऑयल की कीमत 70 डॉलर के करीब थी।
ग्लोबल मार्केट में शांति समझौते पर सहमति बनते ही अमेरिकी शेयर बाजार में जोरदार लिफ्ट देखने को मिली:
डाउ जोंस (Dow Jones): इंडस्ट्रियल एवरेज करीब 650 अंक की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है।
S&P 500 इंडेक्स: इसमें 1.5% की तेजी दर्ज की गई।
नैस्डैक कंपोजिट (Nasdaq): यह इंडेक्स 2.3% ऊपर चढ़ गया।
विमानन (Airlines) कंपनियों को हुआ बड़ा फायदा
ईंधन की कीमतों में कटौती की खबर से सबसे ज्यादा राहत उन कंपनियों को मिली जिनका मुख्य खर्च फ्यूल (ईंधन) होता है।
अमेरिकन एयरलाइंस के शेयर 7% चढ़ गए।
यूनाइटेड एयरलाइंस में 5.2% की तेजी आई।
क्रूज ऑपरेटर कंपनी कार्निवल के शेयर भी 5.7% मजबूत हुए।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंडस्ट्री से जुड़ी दिग्गज कंपनियों के शेयरों को भी इस डील से नया बूस्ट मिला है। हाल के हफ्तों में एआई कंपनियों के शेयर ओवर-वैल्यूएशन की चिंताओं के कारण भारी उतार-चढ़ाव से गुजर रहे थे:
माइक्रोन टेक्नोलॉजी (Micron): इसके शेयर 7.8% उछले।
AMD (एडवांस्ड माइक्रो डिवाइस): इसके शेयर में 7% की तेजी रही।
एनवीडिया (Nvidia): दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनियों में से एक एनवीडिया के शेयर में 2.7% की तेजी दर्ज की गई, जिसने S&P 500 को ऊपर खींचने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई।
इलोन मस्क की रॉकेट कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) अपनी लिस्टिंग के दूसरे ही दिन नैस्डैक पर 5.4% ऊपर ट्रेड कर रही है।
स्पेसएक्स के पास ही एआई कंपनी xAI का मालिकाना हक भी है। इस धमाकेदार शुरुआत से साफ है कि निवेशकों के बीच एआई और स्पेस टेक को लेकर भारी डिमांड है।
बाजार ने स्पेसएक्स को 2.1 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा की कुल वैल्यू दी है। यह वैल्यूएशन दिग्गज कंपनियों—एक्सॉन मोबिल, बैंक ऑफ अमेरिका और कोका-कोला की कंबाइंड (सामूहिक) वैल्यू से भी ज्यादा है।
अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व (Fed) इस हफ्ते ब्याज दरों पर अपना अहम फैसला सुनाने वाला है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पद के लिए केविन वॉर्श को नॉमिनेट किया था और वे लगातार ब्याज दरें कम करने की वकालत कर रहे हैं।
ब्याज दरें बढ़ने की संभावना घटी: मजबूत लेबर मार्केट और हाई इन्फ्लेशन (महंगाई) को देखते हुए ट्रेडर्स को डर था कि फेड इस साल दरें बढ़ा सकता है। लेकिन यूएस-ईरान डील के बाद सीएमई ग्रुप (CME Group) के डेटा के अनुसार, इस साल ब्याज दरें बढ़ने की संभावना 71% से घटकर सिर्फ 55% रह गई है। कयास लगाए जा रहे हैं कि फेड दरों को फिलहाल स्थिर रख सकता है।
वैश्विक शांति के इस माहौल और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का सीधा फायदा भारतीय बाजारों को भी मिला। सोमवार को घरेलू शेयर बाजार भारी बढ़त के साथ बंद हुए:
सेंसेक्स (Sensex): 736 अंक की शानदार तेजी के साथ 76,264 के स्तर पर बंद हुआ।
निफ्टी (Nifty): 231 अंक उछलकर 23,853 के स्तर पर बंद होने में कामयाब रहा।