फ्रांस। G7 शिखर सम्मेलन के दौरान जहां दुनिया के प्रमुख नेता वैश्विक अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों पर चर्चा कर रहे थे, वहीं एक अनौपचारिक बातचीत ने अचानक सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने साथी नेताओं के बीच बातचीत के दौरान खुलासा किया कि उन्होंने करीब एक महीने पहले सिगरेट पीना छोड़ दिया है। उनका यह बयान अब सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में चर्चा का विषय बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार, सम्मेलन के दौरान नेताओं के बीच हल्के-फुल्के अंदाज में बातचीत चल रही थी। इसी दौरान कॉफी और दिनभर की व्यस्तता को लेकर चर्चा हुई। मेलोनी ने मजाकिया लहजे में कहा कि उन्हें पूरे दिन सक्रिय रहने के लिए कई कप कॉफी पीनी पड़ती है। इस पर एक नेता ने मुस्कुराते हुए सिगरेट का जिक्र किया, जिसके जवाब में मेलोनी ने कहा कि अब उन्हें इसकी जरूरत नहीं है क्योंकि उन्होंने धूम्रपान छोड़ दिया है।
मेलोनी के इस बयान ने वहां मौजूद नेताओं को भी चौंका दिया। जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने कब से सिगरेट छोड़ रखी है, तो उन्होंने बताया कि यह फैसला उन्होंने लगभग एक महीने पहले लिया था। उनके इस कदम की कई नेताओं ने सराहना की और इसे स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक निर्णय बताया। बातचीत के दौरान कुछ अन्य नेताओं ने भी धूम्रपान छोड़ने से जुड़े अपने अनुभव साझा किए।
G7 जैसे उच्चस्तरीय सम्मेलन में आमतौर पर गंभीर राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों पर चर्चा होती है, लेकिन इस तरह के मानवीय और व्यक्तिगत पल अक्सर लोगों को नेताओं के दूसरे पहलू से भी परिचित कराते हैं। यही कारण है कि मेलोनी का यह खुलासा तेजी से वायरल हो गया और सोशल मीडिया पर लाखों लोग इसे साझा कर रहे हैं।
हाल के दिनों में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जॉर्जिया मेलोनी की मुलाकातें भी काफी चर्चा में रही हैं। दोनों नेताओं की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए थे। ऐसे में G7 सम्मेलन से सामने आया मेलोनी का यह नया वीडियो भी लोगों के बीच खासा लोकप्रिय हो रहा है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि धूम्रपान छोड़ना किसी भी व्यक्ति के लिए आसान नहीं होता, लेकिन इससे हृदय, फेफड़ों और समग्र स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। दुनिया के बड़े नेताओं में शामिल मेलोनी द्वारा सार्वजनिक रूप से इस बात को साझा करना कई लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकता है।
G7 सम्मेलन के राजनीतिक और कूटनीतिक एजेंडे के बीच मेलोनी का यह व्यक्तिगत खुलासा इस बात का उदाहरण है कि वैश्विक नेताओं की निजी जीवनशैली और फैसले भी लोगों के बीच उतनी ही दिलचस्पी पैदा करते हैं, जितनी उनकी राजनीतिक गतिविधियां। यही वजह है कि यह छोटा-सा बयान अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।