• होम
  • दुनिया
  • नेपाल बाढ़ : हाइड्रोपावर टनल में फंसे मजदूर, भारत से मांगी मदद

नेपाल बाढ़ : हाइड्रोपावर टनल में फंसे मजदूर, भारत से मांगी मदद

नेपाल में भोटेकोशी नदी में आई अचानक बाढ़ ने कई इलाकों में गंभीर हालात पैदा कर दिए हैं। तेज बहाव के साथ आए पानी और भूस्खलन ने रसुवा और नुवाकोट जिलों में व्यापक नुकसान पहुंचाया है। बाढ़ का असर खास तौर पर जलविद्युत परियोजनाओं पर पड़ा है। स्वतंत्र ऊर्जा उत्पादक संघ, नेपाल (इप्पान) के अनुसार, […]

Advertisement
Gauravshali Bharat
Gauravshali Bharat News
  • August 29, 2026 11:00 am IST, Published 59 minutes ago

नेपाल में भोटेकोशी नदी में आई अचानक बाढ़ ने कई इलाकों में गंभीर हालात पैदा कर दिए हैं। तेज बहाव के साथ आए पानी और भूस्खलन ने रसुवा और नुवाकोट जिलों में व्यापक नुकसान पहुंचाया है। बाढ़ का असर खास तौर पर जलविद्युत परियोजनाओं पर पड़ा है। स्वतंत्र ऊर्जा उत्पादक संघ, नेपाल (इप्पान) के अनुसार, क्षेत्र की 13 हाइड्रोपावर परियोजनाएं इस आपदा से प्रभावित हुई हैं। कई जगहों पर बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने से राहत और बचाव अभियान भी चुनौतीपूर्ण हो गया है।

आपदा की गंभीरता को देखते हुए नेपाल ने भारत से सहायता मांगी है। नेपाल के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लोक बहादुर पौडेल के अनुसार, बाढ़ की घटना के कई दिन बाद भी स्थानीय बचाव दलों के लिए अभियान को अकेले आगे बढ़ाना मुश्किल हो रहा था। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, भूस्खलन और प्रभावित क्षेत्रों तक सीमित पहुंच के कारण अतिरिक्त विशेषज्ञ सहायता की आवश्यकता महसूस हुई। इसके बाद नेपाल की ओर से भारत से मदद का अनुरोध किया गया।

भारत ने नेपाल की सहायता के लिए राहत सामग्री के साथ विशेषज्ञ टीम भेजी है। 11 सदस्यीय टीम में डॉक्टर और पैरामेडिक्स शामिल हैं, जो प्रभावित लोगों को आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में मदद करेंगे। आपदा के बाद कई क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बढ़ सकता है, इसलिए मेडिकल विशेषज्ञों की मौजूदगी राहत अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

इसके अलावा भारत की ओर से सुरंग बचाव अभियान में विशेषज्ञता रखने वाली रेकी टीम भी नेपाल भेजी गई है। इस टीम का उद्देश्य प्रभावित क्षेत्रों का मौके पर निरीक्षण करना और वहां की वास्तविक स्थिति का आकलन करना है। टीम इलाके में पहुंच, संभावित जोखिम, सुरंगों और अन्य प्रभावित संरचनाओं की स्थिति की जानकारी जुटाएगी।  भारत की तकनीकी टीम काठमांडू पहुंच चुकी है। फ्लैश फ्लड के बाद चलाए जा रहे राहत और बचाव कार्यों में यह टीम नेपाल के संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय कर सहयोग करेगी। टीम के साथ आवश्यक सहायता और राहत सामग्री भी भेजी गई है।

भोटेकोशी नदी क्षेत्र में आई बाढ़ ने नेपाल के सामने कई तरह की चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। पहाड़ी इलाकों में अचानक आने वाली बाढ़ के साथ भूस्खलन होने से सड़क संपर्क और परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इससे राहत दलों को घटनास्थल तक पहुंचने में कठिनाई होती है। नेपाल की अर्थव्यवस्था में जलविद्युत क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में परियोजनाओं को हुए नुकसान का आकलन और प्रभावित बुनियादी ढांचे की बहाली आने वाले समय में महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल प्राथमिकता प्रभावित लोगों की सुरक्षा, लापता लोगों की तलाश, चिकित्सा सहायता और राहत सामग्री पहुंचाने की है।

भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से घनिष्ठ संबंध रहे हैं। प्राकृतिक आपदाओं के समय दोनों देशों के बीच सहयोग का महत्व और बढ़ जाता है। भारत की ओर से भेजी गई मेडिकल और तकनीकी टीम नेपाल के राहत प्रयासों में अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध करा सकती है। विशेषज्ञों की मदद से प्रभावित क्षेत्रों का बेहतर आकलन करने और जोखिम वाले स्थानों पर बचाव अभियान को व्यवस्थित करने में सहायता मिल सकती है।

फ्लैश फ्लड के बाद पैदा हुई स्थिति ने एक बार फिर दिखाया है कि पहाड़ी क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन के लिए तेज प्रतिक्रिया, विशेषज्ञता और पड़ोसी देशों के बीच समन्वय कितना जरूरी है। नेपाल में राहत एवं बचाव अभियान जारी है और भारत की सहायता मुश्किल परिस्थितियों में दोनों देशों के सहयोग की मिसाल के तौर पर देखी जा रही है। फिलहाल दोनों पक्षों का मुख्य ध्यान प्रभावित लोगों तक जल्द से जल्द राहत पहुंचाने और नुकसान को कम करने पर है।

 

Advertisement