वाशिंगटन। अमेरिका में धार्मिक स्थलों पर बढ़ते हमलों और उत्पीड़न की घटनाओं के बीच एक अहम विधेयक पेश किया गया है, जिसका उद्देश्य हिंदू मंदिरों समेत सभी पूजा स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
इस प्रस्ताव को Tom Suozzi और Max Miller द्वारा पेश किया गया है। ‘सेफगार्डिंग एक्सेस टू कांग्रेगेशन्स एंड रिलीजियस एस्टैब्लिशमेंट्स फ्रॉम डिसरप्शन’ (SACRED Act) के तहत किसी भी पूजा स्थल के 100 फीट के दायरे में डराने, बाधा डालने या उत्पीड़न को संघीय अपराध माना जाएगा।
कानून निर्माताओं का कहना है कि हर व्यक्ति को बिना किसी डर के अपने धर्म का पालन करने का अधिकार है। इस बिल के तहत पहली बार दोषी पाए जाने पर जुर्माना या एक साल तक की जेल हो सकती है, जबकि दोबारा अपराध करने पर तीन साल तक की सजा का प्रावधान है।
Hindu American Foundation ने कहा है कि हाल के वर्षों में हिंदू मंदिरों को निशाना बनाने और उन्हें अपवित्र करने की घटनाएं बढ़ी हैं, जिससे समुदाय में असुरक्षा की भावना पैदा हुई है।
इस विधेयक को कई प्रमुख संगठनों का समर्थन मिला है, जिनमें Anti-Defamation League, American Jewish Committee और Islamic Society of North America शामिल हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका में घृणा अपराधों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिसका असर हिंदू, यहूदी, मुस्लिम और सिख समुदायों पर देखा जा रहा है।
हालांकि, इस बिल में यह भी स्पष्ट किया गया है कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का अधिकार सुरक्षित रहेगा, जो अमेरिकी संविधान के तहत संरक्षित है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रस्ताव धार्मिक स्वतंत्रता और सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।