नई दिल्ली: भारत और बांग्लादेश ने सीमा सुरक्षा को और मजबूत बनाने तथा सीमा पार होने वाले अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कई महत्वपूर्ण कदमों पर सहमति जताई है। दिल्ली में आयोजित सीमा समन्वय वार्ता के दौरान दोनों देशों की सीमा सुरक्षा एजेंसियों ने शांति, स्थिरता और बेहतर समन्वय बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।
बैठक में अवैध घुसपैठ, मानव तस्करी, नशीले पदार्थों की तस्करी, हथियारों की आवाजाही, नकली मुद्रा और अन्य सीमा पार अपराधों को रोकने के उपायों पर विस्तार से चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने इन गतिविधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया।
सीमा क्षेत्रों में संयुक्त गश्त को और मजबूत करने, निगरानी बढ़ाने तथा रियल-टाइम सूचना साझा करने पर भी सहमति बनी। इसके अलावा सीमा पार सक्रिय आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ साझा रणनीति के तहत कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया।
दोनों देशों ने सीमा से जुड़े गांवों और कस्बों में रहने वाले लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने की जरूरत पर भी बल दिया। उनका मानना है कि स्थानीय स्तर पर जागरूकता बढ़ने से अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
सीमा सुरक्षा एजेंसियों ने सीमा पार अपराधों, उग्रवादी गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने वाली किसी भी कार्रवाई के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने का संकल्प दोहराया। साथ ही समन्वित सीमा प्रबंधन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और नई सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
बैठक के अंत में दोनों पक्षों ने इसे सकारात्मक और रचनात्मक बताया तथा विश्वास जताया कि इन फैसलों से सीमा प्रबंधन और द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूती मिलेगी। अगली महानिदेशक स्तर की बैठक नवंबर 2026 में ढाका में आयोजित किए जाने का प्रस्ताव रखा गया है।