गाजियाबाद MMG अस्पताल में 1 रुपये में होगी MRI जांच सुविधा

गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के लाखों मरीजों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। जिला एमएमजी (MMG) अस्पताल में जल्द ही मात्र 1 रुपये में एमआरआई (MRI) जांच की सुविधा शुरू होने जा रही है। यदि यह योजना तय समय पर लागू होती है तो गाजियाबाद उत्तर प्रदेश का पहला ऐसा जिला […]

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  • July 3, 2026 11:59 pm IST, Published 2 hours ago

गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के लाखों मरीजों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। जिला एमएमजी (MMG) अस्पताल में जल्द ही मात्र 1 रुपये में एमआरआई (MRI) जांच की सुविधा शुरू होने जा रही है। यदि यह योजना तय समय पर लागू होती है तो गाजियाबाद उत्तर प्रदेश का पहला ऐसा जिला बन जाएगा, जहां सरकारी अस्पताल में इतनी कम लागत पर एमआरआई जांच उपलब्ध होगी। इससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी, जिन्हें अभी निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों में हजारों रुपये खर्च करने पड़ते हैं।

जिला एमएमजी अस्पताल के सीएमएस डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि अस्पताल में एमआरआई सेंटर स्थापित करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इस परियोजना को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर संचालित करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। शासन स्तर से अनुमति मिलने के बाद मशीन स्थापित कर सेवा शुरू कर दी जाएगी।

आयुष्मान वार्ड के पास बनेगा एमआरआई सेंटर

अस्पताल प्रशासन के अनुसार शासन से जगह चिन्हित करने के निर्देश मिलने के बाद अस्पताल परिसर में सिटी स्कैन सेंटर से सटे आयुष्मान वार्ड के पास एमआरआई सेंटर स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। स्थान चयन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और मशीन उपलब्ध होते ही सेंटर का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।

अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीजों को बेहतर और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। इससे मरीजों को जांच के लिए दूसरे अस्पतालों या निजी केंद्रों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

पीपीपी मॉडल पर सफलतापूर्वक चल रही हैं कई सेवाएं

एमएमजी अस्पताल में पहले से ही पीपीपी मॉडल के तहत कई स्वास्थ्य सेवाएं संचालित की जा रही हैं। अस्पताल में सिटी स्कैन सेंटर तथा डायलिसिस सेंटर इसी व्यवस्था के अंतर्गत सफलतापूर्वक चल रहे हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज इन सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं।

अस्पताल में रोजाना लगभग 200 से अधिक मरीजों की सीटी स्कैन जांच की जाती है, जबकि 50 से अधिक गंभीर मरीजों की नियमित डायलिसिस की सुविधा भी उपलब्ध है। इसी मॉडल की सफलता को देखते हुए अब एमआरआई सेंटर भी शुरू करने की योजना बनाई गई है।

निजी अस्पतालों की तुलना में होगी बड़ी बचत

वर्तमान समय में निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों पर एमआरआई जांच कराने के लिए मरीजों को सामान्यतः 4,000 से 6,000 रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। कई जटिल जांचों की कीमत इससे भी अधिक होती है। ऐसे में गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए यह जांच कराना आर्थिक रूप से कठिन साबित होता है।

सरकारी अस्पताल में मात्र 1 रुपये में एमआरआई जांच की सुविधा मिलने से हजारों मरीजों को सीधे आर्थिक लाभ मिलेगा। गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान होने से उपचार भी जल्दी शुरू किया जा सकेगा।

सीएचसी और पीएचसी से आने वाले मरीजों को भी मिलेगा लाभ

इस सुविधा का लाभ केवल एमएमजी अस्पताल तक सीमित नहीं रहेगा। अस्पताल प्रशासन के अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) से रेफर होकर आने वाले मरीज भी इस योजना का लाभ उठा सकेंगे।

इसके अलावा जिला संयुक्त अस्पताल, संयुक्त अस्पताल डूंडाहेड़ा तथा लोनी क्षेत्र की ओपीडी से रेफर मरीजों के लिए भी एमआरआई जांच की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे पूरे जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और मरीजों को समय पर जांच उपलब्ध हो सकेगी।

मोबाइल पर मिलेगी जांच रिपोर्ट

नई व्यवस्था के तहत मरीजों को आधुनिक डिजिटल सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। अस्पताल प्रशासन की योजना है कि एमआरआई जांच पूरी होने के कुछ समय बाद ही उसकी रिपोर्ट मरीज के मोबाइल फोन पर उपलब्ध करा दी जाएगी। इससे रिपोर्ट लेने के लिए अस्पताल के बार-बार चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी और मरीजों का समय भी बचेगा।

स्वास्थ्य सेवाओं में होगा बड़ा बदलाव

विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी अस्पताल में अत्यंत कम शुल्क पर एमआरआई जैसी आधुनिक जांच सुविधा उपलब्ध होने से प्रदेश की सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव आएगा। इससे गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान संभव होगी, इलाज में देरी कम होगी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं सुलभ हो सकेंगी।

यदि शासन से अंतिम मंजूरी और मशीन की स्थापना समय पर पूरी हो जाती है, तो एमएमजी अस्पताल जल्द ही प्रदेश के सरकारी स्वास्थ्य ढांचे के लिए एक नई मिसाल बन सकता है। मरीजों को सस्ती, सुलभ और आधुनिक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में यह पहल अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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