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हाईकमान तय करेगा मंत्रिमंडल विस्तार, राम मंदिर मामले पर सुक्खु ने मांगी सख्त कार्रवाई

शिमला: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खु ने राज्य मंत्रिमंडल के संभावित विस्तार और राम मंदिर में कथित दान गबन के मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंत्रिमंडल विस्तार का निर्णय कांग्रेस हाईकमान के स्तर पर लिया जाता है और राज्य सरकार उसके निर्देशों के अनुरूप आगे बढ़ेगी। साथ ही उन्होंने […]

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  • July 4, 2026 4:35 pm IST, Published 2 hours ago

शिमला: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खु ने राज्य मंत्रिमंडल के संभावित विस्तार और राम मंदिर में कथित दान गबन के मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंत्रिमंडल विस्तार का निर्णय कांग्रेस हाईकमान के स्तर पर लिया जाता है और राज्य सरकार उसके निर्देशों के अनुरूप आगे बढ़ेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल में एक पद रिक्त है, जिसे समय आने पर भरा जाना आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार की प्रक्रिया संगठन और पार्टी नेतृत्व के निर्णय के अनुसार होती है। उन्होंने संकेत दिया कि राज्य मंत्रिमंडल में एक खाली पद है और उसे भरने की आवश्यकता है, लेकिन अंतिम फैसला कांग्रेस नेतृत्व ही करेगा। उनके इस बयान को राज्य की राजनीतिक गतिविधियों और संभावित मंत्रिमंडल विस्तार के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राम मंदिर में कथित दान गबन के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री सुक्खु ने इसे गंभीर विषय बताया। उन्होंने कहा कि भगवान राम करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं और धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान से जुड़ी किसी भी प्रकार की अनियमितता को हल्के में नहीं लिया जा सकता।

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का स्पष्ट मत है कि यदि किसी भी जांच में यह साबित होता है कि भगवान के नाम पर प्राप्त दान में किसी प्रकार की चोरी या गबन हुआ है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास कायम रहे।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाना चाहिए। उनके अनुसार, धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में पारदर्शी व्यवस्था और जवाबदेही समाज का विश्वास बनाए रखने के लिए जरूरी है। सुक्खु के इन बयानों को ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है जब एक ओर हिमाचल प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं, वहीं दूसरी ओर राम मंदिर से जुड़े कथित दान प्रकरण पर देशभर में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

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