इस बैठक में BRICS समूह के सदस्य देशों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे और ड्रग्स से जुड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, सीमा पार तस्करी, सिंथेटिक ड्रग्स के बढ़ते खतरे और इसके सामाजिक-आर्थिक प्रभावों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
भारत की ओर से इस बैठक में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) समेत अन्य संबंधित एजेंसियां भाग लेंगी। बैठक के दौरान सूचना साझा करने, तकनीकी सहयोग बढ़ाने और संयुक्त कार्रवाई तंत्र को मजबूत करने पर विशेष जोर दिए जाने की संभावना है।
अधिकारियों के अनुसार, यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब वैश्विक स्तर पर मादक पदार्थों की तस्करी के नए तरीके सामने आ रहे हैं और डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर ड्रग नेटवर्क तेजी से फैल रहा है। ऐसे में BRICS देशों के बीच सहयोग को और प्रभावी बनाना बेहद जरूरी माना जा रहा है।
बैठक में यह भी विचार किया जाएगा कि सदस्य देश कैसे अपने कानून प्रवर्तन तंत्र को और मजबूत कर सकते हैं तथा सीमा सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सकता है।
इस तरह की बैठकों से न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मादक पदार्थों के खिलाफ एक साझा रणनीति विकसित करने में भी मदद मिलेगी।