नई दिल्ली। पंजाबी सुपरस्टार दिलजीत दोसांझ की बहुचर्चित फिल्म ‘सतलुज’ एक बार फिर विवादों में आ गई है। लंबे समय तक सेंसर बोर्ड की आपत्तियों के कारण रिलीज का इंतजार करने वाली यह फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म पर आने के महज दो दिन बाद भारत में हटा दी गई। इस फैसले ने न सिर्फ फिल्म के प्रशंसकों को हैरान किया है, बल्कि सोशल मीडिया पर भी इसकी जमकर चर्चा हो रही है।
बताया जा रहा है कि फिल्म को पहले ‘पंजाब 95’ नाम से बनाया गया था। हालांकि सेंसर बोर्ड के साथ लंबे विवाद के बाद निर्माताओं ने इसका नाम बदलकर ‘सतलुज’ कर दिया और इसे ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 पर रिलीज किया गया। लेकिन रिलीज के दो दिन बाद ही फिल्म को भारत में प्लेटफॉर्म से हटा लिया गया, जिससे दर्शकों और फिल्म उद्योग में कई सवाल खड़े हो गए हैं।
तीन साल तक सेंसर विवाद में फंसी रही फिल्म
‘सतलुज’ का निर्माण पिछले कई वर्षों से चर्चा में रहा है। फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन और उनके संघर्ष पर आधारित बताई जाती है। इसी विषय को लेकर फिल्म को सेंसर बोर्ड की ओर से कई आपत्तियों का सामना करना पड़ा।
रिपोर्ट्स के अनुसार, सेंसर बोर्ड ने फिल्म में करीब 127 कट लगाने और कई बदलाव करने के सुझाव दिए थे। निर्माताओं ने इन सुझावों पर असहमति जताई, जिसके चलते फिल्म लंबे समय तक सिनेमाघरों में रिलीज नहीं हो सकी। हालांकि कुछ विदेशी देशों में इसे प्रदर्शित किया गया, लेकिन भारत में इसकी रिलीज लगातार टलती रही।
नाम बदलकर ओटीटी पर हुई थी रिलीज
लंबे इंतजार के बाद निर्माताओं ने फिल्म का नाम बदलकर ‘सतलुज’ रखा और इसे 3 जुलाई को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया। फिल्म के डिजिटल रिलीज होने के बाद दर्शकों ने इसे देखना शुरू किया और सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा तेज हो गई।
हालांकि रिलीज के महज दो दिन बाद ही फिल्म को भारत में प्लेटफॉर्म से हटा लिया गया। ओटीटी प्लेटफॉर्म की ओर से जारी बयान में कहा गया कि फिल्म को अगले आदेश तक भारत में उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। हालांकि हटाए जाने के पीछे विस्तृत कारण सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
दिलजीत दोसांझ का आया रिएक्शन
फिल्म हटाए जाने के बाद अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ की प्रतिक्रिया भी सामने आई। उन्होंने हाल ही में इंस्टाग्राम लाइव के दौरान इस मुद्दे पर बात करते हुए कहा कि उन्हें पहले से अंदेशा था कि फिल्म को भारत में ज्यादा समय तक उपलब्ध नहीं रहने दिया जाएगा।
दिलजीत ने पंजाबी भाषा में कहा कि अब उन्हें किसी बात की चिंता नहीं है। उनके अनुसार, जो दर्शक फिल्म देखना चाहते थे, उनमें से कई लोग इसे पहले ही देख चुके हैं। उन्होंने कहा कि अब वह इस मामले को लेकर तनाव में नहीं हैं और जो होना था, वह हो चुका है।
उनके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्रशंसक उनके समर्थन में पोस्ट साझा कर रहे हैं और फिल्म को दोबारा ओटीटी पर उपलब्ध कराने की मांग भी कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
फिल्म हटाए जाने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर #Satluj और #Punjab95 ट्रेंड करने लगे। कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि यदि फिल्म रिलीज के लिए उपलब्ध थी तो फिर दो दिन बाद इसे हटाने की जरूरत क्यों पड़ी।
वहीं कुछ लोगों का मानना है कि संवेदनशील विषयों पर बनी फिल्मों के मामले में कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का पालन आवश्यक होता है। इस कारण फिल्म को अस्थायी रूप से हटाया गया हो सकता है।
जसवंत सिंह खालड़ा पर आधारित है कहानी
फिल्म की कहानी मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन से प्रेरित बताई जाती है। उन्होंने पंजाब में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों से जुड़े मामलों को उजागर किया था। इसी संवेदनशील विषय के कारण फिल्म शुरुआत से ही चर्चा और विवाद का हिस्सा बनी रही।
निर्माताओं का कहना रहा है कि फिल्म का उद्देश्य एक ऐतिहासिक और मानवीय कहानी को दर्शकों तक पहुंचाना है, जबकि विरोध करने वाले पक्षों का मानना है कि ऐसे विषयों को प्रस्तुत करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
फिल्म का भविष्य क्या होगा?
फिलहाल फिल्म भारत में ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटा दी गई है और इसके दोबारा उपलब्ध होने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। दर्शक और फिल्म इंडस्ट्री दोनों इस मामले में अगले फैसले का इंतजार कर रहे हैं।
फिल्म के भविष्य को लेकर स्थिति पूरी तरह संबंधित अधिकारियों और ओटीटी प्लेटफॉर्म के आगामी निर्णय पर निर्भर करेगी। यदि आवश्यक औपचारिकताएं पूरी हो जाती हैं, तो भविष्य में इसे फिर से भारत में स्ट्रीम किया जा सकता है। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
फिलहाल इतना तय है कि ‘सतलुज’ एक बार फिर अपने विषय और विवादों के कारण सुर्खियों में है। रिलीज के दो दिन बाद ओटीटी से हटाए जाने की घटना ने फिल्म को लेकर नई बहस छेड़ दी है और दर्शकों की नजर अब अगले आधिकारिक अपडेट पर टिकी हुई है।