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रामविलास पासवान की जयंती पर डॉ. दयानंद वत्स ने दी श्रद्धांजलि

नई दिल्ली : पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक, पद्मभूषण स्वर्गीय श्री रामविलास पासवान की जयंती के अवसर पर अखिल भारतीय स्वतंत्र पत्रकार एवं लेखक संघ, दिल्ली के राष्ट्रीय महामंत्री तथा पश्चिमी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र से रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी एवं शिक्षाविद् डॉ. दयानंद वत्स भारतीय ने संघ […]

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  • July 5, 2026 9:30 pm IST, Published 51 minutes ago

नई दिल्ली : पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक, पद्मभूषण स्वर्गीय श्री रामविलास पासवान की जयंती के अवसर पर अखिल भारतीय स्वतंत्र पत्रकार एवं लेखक संघ, दिल्ली के राष्ट्रीय महामंत्री तथा पश्चिमी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र से रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के पूर्व लोकसभा प्रत्याशी एवं शिक्षाविद् डॉ. दयानंद वत्स भारतीय ने संघ के मुख्यालय बरवाला में उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।

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इस अवसर पर डॉ. दयानंद वत्स भारतीय ने कहा कि स्वर्गीय रामविलास पासवान दलितों, पिछड़ों और वंचित वर्गों की सशक्त एवं मुखर आवाज थे। उन्होंने अपना पूरा सार्वजनिक जीवन समाज के कमजोर वर्गों के अधिकारों की रक्षा और सामाजिक न्याय के लिए समर्पित किया। उनके योगदान को देश हमेशा याद रखेगा।

उन्होंने कहा कि रामविलास पासवान भारतीय राजनीति के उन चुनिंदा नेताओं में शामिल थे, जिन्होंने विभिन्न विचारधाराओं की सरकारों में रहकर जनता के हित में कार्य किया। उनके नाम छह प्रधानमंत्रियों की मंत्रिपरिषद में मंत्री के रूप में कार्य करने का अनूठा रिकॉर्ड दर्ज है। उन्होंने प्रधानमंत्री वी. पी. सिंह, एच. डी. देवगौड़ा, इंद्र कुमार गुजराल, अटल बिहारी वाजपेयी, डॉ. मनमोहन सिंह और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकारों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।

डॉ. वत्स ने कहा कि रामविलास पासवान की सबसे बड़ी विशेषता उनकी सरलता, सहजता और आम लोगों के प्रति संवेदनशीलता थी। उनके दरवाजे हर वर्ग और हर समाज के लोगों के लिए हमेशा खुले रहते थे। वे बिना किसी भेदभाव के लोगों की समस्याएं सुनते और उनके समाधान का हर संभव प्रयास करते थे। यही कारण था कि उन्हें सर्वमान्य जननेता के रूप में सम्मान प्राप्त था।

उन्होंने कहा कि संसद के भीतर और बाहर रामविलास पासवान ने दलितों, पिछड़ों और समाज के वंचित वर्गों के अधिकारों की मजबूती से आवाज उठाई। सामाजिक न्याय, समान अवसर और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।

डॉ. वत्स ने उन्हें बिहार की माटी का सच्चा सपूत बताते हुए कहा कि उनका राजनीतिक जीवन संघर्ष, सेवा और जनकल्याण का प्रतीक था। वे नौ बार लोकसभा और दो बार राज्यसभा के सदस्य रहे तथा लंबे समय तक राष्ट्रीय राजनीति में प्रभावशाली भूमिका निभाई।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने भी स्वर्गीय रामविलास पासवान के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प व्यक्त किया। वक्ताओं ने कहा कि उनका व्यक्तित्व भारतीय लोकतंत्र में सामाजिक समरसता, समावेशी राजनीति और जनसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. दयानंद वत्स भारतीय ने कहा कि देश के राजनीतिक इतिहास में रामविलास पासवान का योगदान सदैव स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगा और उनका जीवन समाज सेवा के क्षेत्र में कार्य करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।

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