नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन के बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्रदर्शन से जुड़े प्रतिनिधियों का कहना है कि कई दिनों से जारी भूख हड़ताल का असर अब उनके स्वास्थ्य पर दिखाई देने लगा है और चिकित्सकों की टीम नियमित रूप से उनकी निगरानी कर रही है।
प्रदर्शन का समर्थन कर रहे प्रतिनिधियों के अनुसार, अनशन के दौरान वांगचुक का वजन कम हुआ है। उनका कहना है कि वांगचुक को लंबे समय तक शांतिपूर्ण अनशन करने का अनुभव है और वे मानसिक रूप से मजबूत हैं, लेकिन लगातार उपवास का शारीरिक प्रभाव अब स्पष्ट दिखाई दे रहा है।
आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि डॉक्टर समय-समय पर वांगचुक का ब्लड प्रेशर, शुगर लेवल और अन्य स्वास्थ्य मानकों की जांच कर रहे हैं। स्वास्थ्य संबंधी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जा सके। हालांकि, इन दावों पर स्वतंत्र आधिकारिक चिकित्सा बुलेटिन सार्वजनिक रूप से जारी नहीं किया गया है।
प्रदर्शनकारी युवाओं और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। आंदोलन से जुड़े प्रतिनिधियों का कहना है कि वे लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं।
प्रदर्शन का समर्थन करने वाले समूहों ने यह भी कहा है कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए। उनका कहना है कि यदि सरकार की ओर से सकारात्मक पहल नहीं होती है तो आंदोलन आगे भी जारी रह सकता है। फिलहाल जंतर-मंतर पर चल रहे इस आंदोलन के बीच सबसे अधिक चर्चा वांगचुक की सेहत और सरकार की संभावित प्रतिक्रिया को लेकर है।