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कैलाश पर्वत दर्शन: श्रद्धालुओं को करना होगा दो महीने का इंतजार

तिब्बत स्थित पवित्र कैलाश पर्वत के भारत से दर्शन करने की इच्छा रखने वाले श्रद्धालुओं को अभी करीब दो महीने और इंतजार करना होगा। वर्तमान में इनर लाइन परमिट (ILP) जारी नहीं किए जाने के कारण सामान्य यात्री वहां नहीं जा पा रहे हैं। मुख्य बिंदु: परमिट की स्थिति: जिला प्रशासन के मुताबिक, सितंबर के […]

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  • July 8, 2026 7:10 am IST, Published 2 hours ago

तिब्बत स्थित पवित्र कैलाश पर्वत के भारत से दर्शन करने की इच्छा रखने वाले श्रद्धालुओं को अभी करीब दो महीने और इंतजार करना होगा। वर्तमान में इनर लाइन परमिट (ILP) जारी नहीं किए जाने के कारण सामान्य यात्री वहां नहीं जा पा रहे हैं।

मुख्य बिंदु:

ओल्ड लिपुलेख की भौगोलिक और अन्य चुनौतियाँ:

  • ऊंचाई और मौसम: ओल्ड लिपुलेख चीन सीमा के पास समुद्र तल से करीब 17 हजार फीट की ऊंचाई पर है, जहां का मौसम पल-पल बदलता रहता है। घना कोहरा या बादल छाने की स्थिति में कैलाश पर्वत ओझल हो जाता है।

  • पैदल चढ़ाई: हालांकि वहां तक सड़क सुविधा पहुँच चुकी है, लेकिन अंतिम चोटी तक जाने के लिए करीब 300 मीटर की खड़ी और कठिन चढ़ाई करनी पड़ती है। ऑक्सीजन की कमी और विषम परिस्थितियों के कारण कई बार वाहनों को पहले ही रोकना पड़ता है, जिससे यात्रियों को डेढ़ किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ता है।

स्थानीय मांग और प्रशासन का रुख:

स्थानीय लोग प्रशासन और सेना से आपसी तालमेल बैठाकर सभी पात्र श्रद्धालुओं को ओल्ड लिपुलेख जाने की अनुमति देने की मांग कर रहे हैं, जिससे सीमांत क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। पिथौरागढ़ के डीएम आशीष भटगांई ने बताया कि सेना के समन्वय से ही श्रद्धालुओं को आगे भेजा जा रहा है और परमिट प्रक्रिया शुरू होते ही ओल्ड लिपुलेख से दर्शन की राह पूरी तरह खुल जाएगी।

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