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अमरनाथ यात्रा 2026: पांचवें दिन पिघला शिवलिंग, बढ़ी चिंता

श्रीनगर। देश की सबसे पवित्र धार्मिक यात्राओं में शामिल अमरनाथ यात्रा के दौरान इस वर्ष एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। यात्रा के पांचवें दिन ही अमरनाथ गुफा में प्राकृतिक रूप से बनने वाला हिम शिवलिंग पूरी तरह पिघल गया। यह खबर सामने आते ही श्रद्धालुओं के बीच चर्चा तेज हो गई। हालांकि, प्रशासन और […]

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  • July 7, 2026 11:00 pm IST, Published 2 hours ago

श्रीनगर। देश की सबसे पवित्र धार्मिक यात्राओं में शामिल अमरनाथ यात्रा के दौरान इस वर्ष एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। यात्रा के पांचवें दिन ही अमरनाथ गुफा में प्राकृतिक रूप से बनने वाला हिम शिवलिंग पूरी तरह पिघल गया। यह खबर सामने आते ही श्रद्धालुओं के बीच चर्चा तेज हो गई। हालांकि, प्रशासन और श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (SASB) ने स्पष्ट किया है कि यात्रा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगी और श्रद्धालुओं के दर्शन में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाएगी।

अमरनाथ गुफा में हर वर्ष प्राकृतिक रूप से बर्फ से शिवलिंग का निर्माण होता है, जिसे भगवान शिव का दिव्य स्वरूप माना जाता है। लाखों श्रद्धालु इसी हिम शिवलिंग के दर्शन के लिए कठिन पर्वतीय यात्रा कर बाबा बर्फानी के दरबार तक पहुंचते हैं। इस बार शिवलिंग का अपेक्षाकृत जल्दी पिघल जाना धार्मिक और पर्यावरणीय दोनों दृष्टि से चर्चा का विषय बन गया है।

मौसम में बदलाव को माना जा रहा प्रमुख कारण

विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार कश्मीर घाटी और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सामान्य से अधिक तापमान दर्ज किया गया। इसके अलावा गुफा के आसपास नमी, लगातार श्रद्धालुओं की आवाजाही, कृत्रिम प्रकाश व्यवस्था तथा मौसम में तेजी से हुए बदलाव के कारण हिम शिवलिंग के शीघ्र पिघलने की संभावना बढ़ गई।

जलवायु विशेषज्ञों के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में हिमालयी क्षेत्रों में तापमान में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। इसका असर केवल अमरनाथ गुफा तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्लेशियरों और प्राकृतिक हिम संरचनाओं पर भी दिखाई दे रहा है।

श्रद्धालुओं की आस्था में नहीं आई कमी

हिम शिवलिंग के पिघल जाने के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में किसी प्रकार की कमी नहीं देखी गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए लगातार गुफा पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि उनकी श्रद्धा किसी एक प्राकृतिक स्वरूप तक सीमित नहीं है, बल्कि भगवान शिव के प्रति उनकी अटूट आस्था ही सबसे महत्वपूर्ण है।

कई श्रद्धालुओं ने कहा कि अमरनाथ यात्रा केवल हिम शिवलिंग के दर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक आध्यात्मिक अनुभव है, जिसमें कठिन मार्ग, प्राकृतिक वातावरण और भगवान शिव के प्रति समर्पण प्रमुख होता है।

प्रशासन ने यात्रा को बताया पूरी तरह सुरक्षित

श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड और सुरक्षा एजेंसियों ने यात्रियों से किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि यात्रा पूरी तरह सुरक्षित है और सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले की तरह जारी हैं।

यात्रा मार्ग पर सुरक्षा बलों की तैनाती, स्वास्थ्य सुविधाएं, चिकित्सा शिविर, हेलीकॉप्टर सेवा तथा आपदा प्रबंधन दल लगातार सक्रिय हैं। मौसम की स्थिति पर भी चौबीसों घंटे नजर रखी जा रही है ताकि आवश्यकता पड़ने

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